बिहार में आर्द्रभूमि क्षेत्र (Wetlands in Bihar)

wetland in bihar

वर्ष 1971 में ईरान (Iran) में आयोजित रामसर सम्मेलन (Ramsar conference) के अनुसार आर्द्रभूमि  निम्न रूप में परिभाषित किया जा सकता है | जैसे – दलदल (Marsh), पंकभूमि (Fen), पिटभूमि, जल, कृत्रिम या अप्राकृतिक,   स्थायी या अस्थायी , स्थिर जल या    गतिमान जल, ताजा पानी , खारा व लवणयुक्त जल क्षेत्रों को आर्द्रभूमि (Wetland) कहते है |

बिहार के उत्तरी भाग में आर्द्रभूमि मुख्यत: मीठे जल के स्रोत के रूप में झील, मन, चौर, दियर आदि के रूप में पाई जाती है। राष्ट्रीय आर्द्र भूमि संरक्षण कार्यक्रम (NWCP) के तहत भारत में 115 आर्द्रभूमि (Wetland) क्षेत्रों को  चिह्नित किया गया है। इन आर्द्रभूमि (Wetland) स्थलों में से 3 बिहार में स्थित  हैं

  • काँवर, बेगूसराय,
  • बारिला, वैशाली,
  • कुशेश्वर स्थान, दरभंगा

बिहार सिंचाई आयोग द्वारा वर्ष 1971 में राज्य की 3 लाख हेक्टेयर से भी अधिक भूमि को आर्द्रभूमि के रूप में चिह्नित किया गया है। आर्द्रभूमि पर्यावरण एवं जैव विविधता के साथ-साथ आर्थिक एवं संसाधनात्मक महत्त्व भी रखती है, जैसे — स्वच्छ पानी , भोजन , अनुवांशिक संसाधन , जलवायु नियमन , मनोरंजन स्थल , मृदा का निर्माण , परंपरागत जीवन , उच्च जैव विविधता आदि। बिहार में कुल आर्द्रभूमि का 21% निजी स्वामित्व तथा 79% सरकारी स्वामित्व के अंतर्गत है।

बिहार के प्रमुख जल निमग्न (आर्द्रभूमि) क्षेत्र

क्र.स. जल निमग्न (आर्द्रभूमि) क्षेत्र स्थिति  स्थान/जिला
1.  काँवर झील मॅझौल बेगूसराय
2. कुशेश्वर स्थान झील कुशेश्वर स्थान दरभंगा
3. घोघा चाप मनिहारी  कटिहार
4. सिमरी बख्तियारपुर झील सिमरी बख्तियारपुर सहरसा
5. उदयपुर झील उदयपुर पश्चिमी चंपारण
6. भुसारा मन भुसारा मुजफ्फरपुर
7. ब्रह्मपुरा मन मुजफ्फरपुर मुजफ्फरपुर
8. केसरिया चौर (खेतर) मोतिहारी पूर्वी चंपारण
9. चैता चौर पिपरी पकरी पश्चिमी चंपारण
10. मानसी चौर फुलिया खार खगड़िया
11.  भरथुआ चौर भरथुआ मुजफ्फरपुर
12. भग्वा चौर बलुआ बाजार सहरसा
13. बोरा चौर खरकता ताल सहरसा
14. परबा मुरली चौर कुमार गेज सहरसा
15. मुरादपुर चौर मुरादपुर सहरसा
16.  हरिया चौर अकीलपुर सारण
17. राघोपुर माजीपुर/मैनालिया/पैतिया वैशाली

 

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