Upper caste reservations: सवर्णों को 10% आरक्षण को केंद्रीय कैबिनेट की मंजूरी

High caste reservations

लोकसभा चुनाव से पहले BJP सरकार के, केंद्रीय मंत्रिमंडल ने सामान्य श्रेणी (General Category) में “आर्थिक रूप से पिछड़े – Economically Backward” वर्गों के लिए सरकारी नौकरियों और उच्च शिक्षा में 10% आरक्षण को मंजूरी दी है।

Read in English : Upper caste reservations (उच्च जाति आरक्षण)

मोदी सरकार द्वारा सवर्णों को आरक्षण देने के लिए संविधान में संसोधन की आवश्यकता होगी। इसके लिए अनु० -15 और अनु० -16 में संसोधन किया जाएगा। इन अनुच्छेद में परिवर्तन करने के पश्चात आर्थिक आधार पर आरक्षण देने का रास्ता साफ हो जाएगा| शीतकालीन सत्र के अंतिम दिन मंगलवार को संसद में यह संवैधानिक संशोधन विधेयक पेश किया जाएगा।

अनुच्छेद 15

भारतीय संविधान में उल्लेखित अनु० -15 केवल धर्म, मूलवंश, जाति, लिंग, जन्म स्थान, के आधार पर ही भेदभाव पर रोक लगाता है| भारत सरकार द्वारा  अंशतः या पूर्णतः राज्यकोष से संचालित किसी भी सार्वजनिक मनोरंजन स्थलों या सार्वजनिक स्थानों में निशुल्क प्रवेश के संबंध में यह अधिकार राज्य के साथ-साथ निजी व्यक्तियों के खिलाफ भी प्रवर्तनीय है। हालांकि, 93 वें संविधान संसोधन अधिनियम 2006 के तहत शैक्षणिक रूप से पिछड़े वर्गों के लिए विशेष प्रावधान किए गए है,  जिसके तहत अनुसूचित जाति (SC) , अनुसूचित जनजाति (ST), अलपसंख्यक वर्गों (OBC) के लिए आरक्षण का प्रावधान किया गया है। इस अपवाद का प्रावधान इसलिए किया गया है, क्योंकि इस वर्ग में वर्णित लोग वंचित माने जाते हैं व उनके अधिकारों के लिए  विशेष संरक्षण की आवश्‍यकता है|

अनुच्छेद 16

भारतीय संविधान में उल्लेखित अनु० -16 राज्य नागरिकों को धर्म , जाति , लिंग , जन्मस्थान , निवास स्थान के  आधार पर भेदभाव नहीं करेगा, परंतु इसके अपवाद स्वरुप धार्मिक संस्थाओ में धर्म के आधार पर नियुक्ति की जा सकती है । जैसे- मंदिर मस्जिद के लिए सरकार ने ट्रस्ट बनवाए है और उनमे नियुक्तियों का अधिकार विशेष धर्म के लोगो को ही प्रदान किया है|

संसद पिछड़े क्षेत्रों से संबंधित मामलो में निवास के स्थान पर आरक्षण का प्रावधान कर सकती है ।

आरक्षण के प्रावधान 

  • सालाना आय 8 लाख से कम हो।
  • 5 एकड़ से कम खेती की जमीन हो।
  • ग्रामीण क्षेत्रो में  1000 वर्ग फ़ीट से कम का घर हो।
  • नगर निगम में  की 109 गज से कम अधिसूचित जमीन।
  • 209 गज से कम की निगम की गैर-अधिसूचित जमीन हो और जो अभी तक किसी भी तरह के आरक्षण के अंतर्गत नहीं आते हो।

इससे पूर्व  2014 में मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली UPA सरकार ने 2014 के लोकसभा चुनावों से ठीक पूर्व जाटों को अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) में शामिल कर आरक्षण का लाभ देने की घोषणा की थी, किन्तु  2015 में सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court ) ने इस फ़ैसले को ख़ारिज कर दिया|

सुप्रीम कोर्ट ने अपने निर्णय  में कहा कि, पिछड़ेपन के लिए सिर्फ़ जाति को आधार नहीं बनाया जा सकता|

Note:

वर्तमान में केंद्र और राज्यों दोनों में अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए 27% और अनुसूचित जाति व जनजाति के लिए 22% आरक्षण की व्यवस्था है।

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