भारतीय नदियों का अपवाह तंत्र

भारत के अपवाह तंत्र का नियंत्रण मुख्यतः भौगोलिक आकृतियो के द्वारा होता है। इस आधार पर भारतीय नदियों को दो मुख्य वर्गों में विभाजित किया गया है- हिमालय की नदियाँ  सिंधु नदी तंत्र गंगा नदी तंत्र ब्रह्मपुत्र नदी तंत्र प्रायद्वीपीय नदियाँ हिमालय की नदियाँ भारत के दो मुख्य भौगोलिक क्षेत्रों से उत्पन्न होने के कारण

पद्म पुरस्कार विजेता सूची – 2018

69 वे गणतंत्र दिवस से पहले गुरुवार को सरकार ने पद्म पुरस्कारों का एलान किया। विभिन्न क्षेत्रों में विशिष्ट सेवाओं और उल्लेखनीय कार्यों के लिए दिए जाने वाले पद्म पुरस्कारों का ऐलान कर दिया गया है। इस बार 85 लोगों को पद्म अवार्ड दिए गए हैं। 3 लोगों को पद्म विभूषण,  9 लोगों को पद्म

भारतीय मरुस्थल

थार मरुस्थल भारत के उत्तर-पश्चिम में तथा पाकिस्तान के दक्षिण-पूर्व में स्थितहै। भारत थार मरुस्थल का अधिकांश भाग राजस्थान में स्थित है परन्तु कुछ भाग हरियाणा, पंजाब,गुजरात और पाकिस्तान के सिंध और पंजाब प्रांतों में भी फैला है। इस क्षेत्र में प्रति वर्ष 150 mm से भी कम वर्षा होती है। इस शुष्क जलवायु वाले क्षेत्र में वनस्पति बहुत कम है। वर्षा ऋतु में ही कुछ सरिताएँ दिखती हैं और

भारत के तटीय मैदान

भारत के तटीय मैदान भारत के तटीय मैदान का विस्तार पश्चिम में अरब सागर के तट (गुजरात) पर और पूर्व में बंगाल की खाड़ी (पश्चिम बंगाल ) के किनारे स्थित हैं।प्रायद्वीप के पूर्व या पश्चिम में उनके स्थान के अनुसार उन्हें पूर्व तटीय मैदान और पश्चिम तटीय मैदान कहा जाता है। पूर्व तटीय मैदान पश्चिम तटीय मैदान

भारत के प्रमुख पठार

भारत का प्रायद्वीपीय पठार एक मेज की आकृति वाला स्थल है जो पुराने क्रिस्टलीयए आग्नेय तथा रूपांतरित शैलों से बना है। यह गोंडवाना भूमि के टूटने एवं अपवाह के कारण बना था तथा यही कारण है कि यह प्राचीनतम भूभाग का एक हिस्सा है। इस पठारी भाग में चौड़ी तथा छिछली घाटियाँ एवं गोलाकार पहाड़ियाँ

भारत का उत्तरी मैदान

  भारत के उत्तरी मैदान का निर्माण सिंधु , गंगा एवं इनकी सहायक नदियों के द्वारा हुआ है। यह मैदान जलोढ़ मृदा से बना है। लाखों वर्षों में हिमालय के गिरिपाद में स्थित बहुत बड़े बेसिन (द्रोणी) में ( जलोढ़ों नदियों द्वारा लाई गई मृदा ) का निक्षेप हुआ, जिससे इस उपजाऊ मैदान का निर्माण हुआ है। इसका विस्तार 7 लाख वर्ग

चिपको आंदोलन – गौरा देवी

चिपको आन्दोलन एक पर्यावरण-रक्षा का आन्दोलन है। यह आन्दोलन तत्कालीन उत्तर प्रदेश (वर्तमान उत्तराखंड) के चमोली जिले में सन 1973 में प्रारम्भ हुआ। यह भारत के उत्तराखण्ड राज्य में किसानो ने गौरा देवी के नेतृत्व में वृक्षों की कटाई का विरोध करने के लिए किया था। वे राज्य के द्वारा वनों की कटाई का विरोध कर रहे थे और उन पर अपना

भारत को एक और बड़ी कामयाबी आस्ट्रेलिया ग्रुप हुआ शामिल

चर्चा  एमटीसीआर (M.T.C.R) और वासेनार समूह (Was) में सदस्यता हासिल करने के बाद भारत 19 jan 2018 को भारत औपचारिक रूप से ऑस्ट्रेलिया समूह का भी सदस्य बन गया है। भारत ऑस्ट्रेलिया समूह का सदस्य बनने वाला 43वाँ सदस्य है। ऑस्ट्रेलिया समूह [Australia Group (AG)] ऑस्ट्रेलिया ग्रुप उन देशों का सहकारी समूह है जो सामग्रियों, उपकरणों और

भारत ने किया अग्नि 5 मिसाइल का सफल परीक्षण, मारक क्षमता – 5000 Km

कामयाबी की श्रृंखला में 18 january 2018  का दिन भारत के यादगार बन गया। भारत ने सतह से सतह तक मार करने वाली परमाणु क्षमता से युक्त अग्नि-5 मिसाइल का सफल परीक्षण किया गया।  इसे देश के स्ट्रैटेजिक फोर्सेज कमांड (S.F.C) में शामिल किया जाएगा। यह इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल (I.C.B.M) है जो परमाणु क्षमता से लैस है। मिसाइल

उत्तराखंड में स्थित राष्ट्रीय उद्यान और वन्य जीव विहार

राष्ट्रीय उद्यान ( National Park ) S.No राष्ट्रीय उद्यान ( National Park ) स्थापना वर्ष क्षेत्रफल (square km) विस्तार 1. कार्बट राष्ट्रीय उद्यान (Corbeet National Park) 1936 520.82 पौड़ी गढ़वाल-नैनीताल 2. नन्दादेवी राष्ट्रीय उद्यान ( Nanda devi National Park ) 1982 624.60 चमोली गढ़वाल 3. फूलों की घाटी  (Valley of Flowers National Park) 1982 87.50 चमोली गढ़वाल (विश्व विरासत)