अफ्रीका महाद्वीप की प्रमुख नदियाँ (Major rivers of Africa continent)

नील नदी (Nile Rivers): नील नदी विश्व की सबसे लम्बी नदी है, जो दो नदियों के संगम से मिलकर बनी है जो निम्न है – श्वेत नील (white nile) नीली नदी (Blue Nile) श्वेत नील नदी (White Nile River) श्वेत नील नदी का उद्गम (Origin) विक्टोरिया झील से होता हैं। श्वेत नील नदी विषुवत् रेखा

अफ्रीका महाद्वीप (Continent of Africa)

अफ्रीका विश्व का एकमात्र महाद्वीप, जहाँ से चारों मुख्य रेखाएँ गुजरती हैं। कर्क रेखा, विषुवत रेखा ( भूमध्य-रेखा), मकर रेखा, ग्रीनविच गिनी की खाड़ी में 0° अक्षांश को 0° देशांतर काटती हैं। अफ्रीका चारों गोलाद्धों में विस्तार वाला एकमात्र महाद्वीप हैं। अफ्रीका महाद्वीप को पहले अन्ध महाद्वीप भी कहा जाता था। अफ्रीका महाद्वीप की खोज

मध्य प्रदेश – बहुउद्देशीय नदी घाटी परियोजनाएँ (Multipurpose River Valley Projects)

दो या दो से अधिक उद्देश्यों की पूर्ति के लिए निर्मित नदी घाटी परियोजनाओं को बहुउद्देशीय नदी घाटी परियोजना कहते है। इनका उपयोग  सिंचाई, पेयजल, जल विद्युत, वन संरक्षण, भूमि संरक्षण, मत्स्य पालन, पर्यटन विकास, रोजगार तथा नौका परिवहन आदि के लिए किया जाता है। पंडित जवाहरलाल नेहरू द्वारा नदी घाटी परियोजनाओं को ‘आधुनिक भारत

मध्य प्रदेश – मृदा का वर्गीकरण (Classification of Soil)

भौतिक व रासायनिक परिवर्तनों द्वारा चट्टानों के विखंडन से उत्पन्न होने वाले ढीले एवं असंगठित पदार्थों को मृदा हैं। मध्य प्रदेश के अधिकांश भागों में प्रौढ़ मृदा विस्तृत है। यह मृदा चट्टान व जीवाश्म के मिश्रण से निर्मित होती है। किसी भी प्रदेश में वनस्पति के निर्धारण के लिए मृदा सर्वाधिक महत्त्वपूर्ण कारक है। मृदा

मध्य प्रदेश – सिंचाई व्यवस्था (Irrigation system)

वर्षा पर आधारित होने के बावजूद भी प्रायद्वीपीय नदियों में प्रचुर मात्रा में जल संग्रहण की क्षमता हैं। वर्तमान में मध्य पदेश में 81.50 लाख हेक्टेयर मीटर पानी सतह में उपलब्ध है। मध्य प्रदेश को जल उपलब्ध कराने वाली प्रमुख नदियों में उत्तर में चंबल, बेतवा, सिंध और केन, दक्षिण में नर्मदा और वेनगंगा, पूर्व

मध्य प्रदेश की प्रमुख नदियाँ (Major Rivers of Madhya Pradesh) चंबल नदी अपवाह तंत्र

नर्मदा नदी नर्मदा नदी का उद्गम (Origin) स्थल मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले में स्थित अमरकंटक पर्वत से होता है इसे मध्य प्रदेश की जीवन रेखा भी कहा जाता है। नर्मदा नदी तीन राज्यों (मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र एवं गुजरात) में 1,312 Km प्रवाहित होकर भरुच के निकट खंभात की खाड़ी में गिरती है तथा यह अपने मुहाने पर एस्चुरी

मध्य प्रदेश – ऋतुएँ (Seasons) और तापमान (Temperature)

मध्य प्रदेश के इंदौर में स्थित वेधशाला में ऋतु संबंधी आँकड़ों को एकत्रित करने का कार्य किया जाता है। मध्य प्रदेश में ऋतुओं को मुख्यतः 3 वर्गों में विभाजित किया गया हैं ग्रीष्म ऋतु वर्षा ऋतु शीत ऋतु ग्रीष्म ऋतु (Summer Season)  मध्य प्रदेश में ग्रीष्म ऋतु का प्रारंभ मध्य मार्च से मध्य जून तक

मध्य प्रदेश – जलवायु क्षेत्र (Madhya Pradesh – Climate)

वायुमंडल में होने वाला अल्पकालिक परिवर्तन मौसम तथा मौसम में होने वाले दीर्घकालिक परिवर्तन को जलवायु कहते है जिसका प्रभाव एक विस्तृत क्षेत्र और पर्यावरण पर पड़ता है। कर्क रेखा, मध्य प्रदेश के मध्य से गुजरती है जिसके कारण मध्य प्रदेश की जलवायु मानसूनी प्रकार (उष्णकटिबंधीय) की है। यहाँ की जलवायु को प्रभावित करने वाले

मध्य प्रदेश के प्रमुख पर्वत (Major Mountains of Madhya Pradesh)

मध्य प्रदेश का अधिकांश भाग पठारी होने के साथ-साथ मध्य प्रदेश में कुछ प्रमुख पर्वत भी पाए जाते हैं। जो निम्नलिखित है – अरावली पर्वत श्रेणी (Aravali Mountain Range) अरावली पर्वत श्रेणी को पृथ्वी की प्राचीनतम पर्वत श्रृंखला माना जाता है, जिसके ढाल अधिक तीव्र हैं। यह पर्वत मालवा पठार के उत्तर-पश्चिम भाग में विस्तृत है।

मध्य प्रदेश – भौतिक संरचना (Physical Structure)

मध्य प्रदेश को उसकी भौतिक परिस्थितियों के आधार पर 3  प्राकृतिक प्रदेशों  में वर्गीकृत किया गया है। मध्य उच्च प्रदेश (Middle High Region)  मध्य उच्च प्रदेश त्रिभुज के आकार का एक पठारी प्रदेश (plateau region) है, जो नर्मदा, सोन घाटियों एवं अरावली श्रेणियों के मध्य स्थित है। नर्मदा सोन घाटी के उत्तर में स्थित कैमूर,
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