सूर्यातप या सौर विकिरण (Insolation or Solar Radiation)

सौर विकिरण के द्वारा वायुमंडल तथा पृथ्वी के धरातलीय भाग पर प्राप्त होने वाली उष्मा (सूर्यातप) का मुख्य स्रोत सूर्य है जिससे लघु तरंगों के रूप में ऊर्जा प्राप्त होती है। सामान्यत: सूर्य से निकलने वाली ऊर्जा को सूर्यातप कहते हैं। सूर्य दहकता हुआ गैस का गोला है जिसके कारण इसके चारों ओर  सदैव अपरिमित ऊर्जा

भारत में जनजातीय क्षेत्रों की समस्याएँ व समाधान

भारत में जनजातीय क्षेत्रों में आने वाली मुख्य समस्याएँ निम्नलिखित है – भूमि पर अधिकारों में आती कमी अंग्रेजों के आगमन से पूर्व भूमि पर  जनजातियों का पूर्ण अधिकार था परंतु उनके आगमन व स्वतंत्रता के पश्चात् तथा वन कानूनों से भूमि पर उनका अधिकार छिनता चला गया जिनसे इनकी संस्कृति प्रभावित हुई। विस्थापन की समस्या

भारत राज्यक्षेत्र में निवास करने वाली प्रमुख जनजातियाँ

उत्तर प्रदेश व उत्तराखंड की प्रमुख जनजातियाँ यहाँ की प्रमुख जनजातियाँ भोटिया, थारू, बुक्सा, जौनसारी, राज शौका, खरवार और माहीगीर हैं। उत्तराखंड के नैनीताल में जनजाति की संख्या सर्वाधिक है। उसके बाद देहरादून का स्थान आता है। थारू — ये नैनीताल से लेकर गोरखपुर एवं तराई क्षेत्र में निवास करती हैं जो किरात वंश की हैं। इनमें संयुक्त परिवार प्रथा

भारत के प्रमुख जनजातीय क्षेत्र (Major Tribal Areas of India)

वर्ष 1960 ई. में चंदा समिति की रिपोर्ट के आधार पर अनुसूचित जनजाति के अंतर्गत किसी भी जाति या समुदाय को सम्मिलित किए जाने के मुख्य 5 मानक निर्धारित किए थे। भारत में कुल 461 जनजातियाँ हैं जिनमें से 424 अनुसूचित जनजाति के अंतर्गत आती हैं। इन्हें सात क्षेत्रों में बाँटा जा सकता है – उत्तरी क्षेत्र  इसके अंतर्गत, जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड तथा हिमाचल

वर्ष 1931 की जनगणना रिपोर्ट के आधार भारत में रहने वाली जाति और जनजाति

वर्ष 1931 की जनगणना रिपोर्ट के आधार पर डॉ. बी. एस. गुहा का प्रजाति वर्गीकरण सबसे प्रमुख व सर्वमान्य है, जिसका संक्षिप्त विवरण निम्नवत् है – नीग्रो (Negros)  नीग्रो (Negros) प्रजाति के लोग मुख्यत: अण्डमान निकोबार द्वीप समूह में पाएँ जाते हैं।  इन्हें भारत के विभिन्न क्षेत्रों में निम्न नामों से जाना जाता है – अंगामी, नागा

हरबर्ट रिजले के अनुसार भारतीय जनसंख्या का वर्गीकरण (Classification of Indian population according to Herbert Rijale)

हरबर्ट रिजले ने सर्वप्रथम भारतीय जनसंख्या में प्रजातियों का विवरण प्रस्तुत किया। इनके द्वारा उल्लिखित प्रजातियों के क्षेत्र इस प्रकार हैं द्रविड़ (Dravid) इसके अंतर्गत भारत में आदिम प्रजाति माना जाता है तथा इसका निवास मिलनाडु, आंध्रप्रदेश, छोटा नागपुर पठार तथा मध्य प्रदेश राज्य के दक्षिणी भागों में है। इन्हें भारत के विभिन्न क्षेत्रों में

कोपेन के अनुसार भारतीय जलवायु का वर्गीकरण (Classification of Indian climate according to Koppen)

कोपेन ने सर्वप्रथम वर्ष 1918 में भारत को तीन जलवायु क्षेत्रों में विभाजित किया। इसके पश्चात् उन्होंने इस योजना में वर्ष 1931 व 1936 में इसमें संशोधन किया। कोपेन ने जलवायु प्रदेशों के निर्धारण हेतु निम्नलिखित चरों (Variables) का प्रयोग किया है वार्षिक एवं मासिक औसत तापमान वार्षिक एवं मासिक वर्षा वनस्पति कोपेन ने विभिन्न

मध्य प्रदेश — निर्धनता उन्मूलन एवं सामाजिक कल्याण योजनाएँ

मुख्यमंत्री अन्नपूर्णा योजना (Chief Minister Annapurna Yojana) मध्य प्रदेश सरकार द्वारा अप्रैल 2008 में निर्धनता रेखा से नीचे (BPL) जीवनयापन करने वाले परिवारों को सस्ते मूल्य पर खाद्यान्न उपलब्ध कराने के लिये मुख्यमंत्री अन्नपूर्णा योजना प्रारंभ की गई है। मुख्यमंत्री अन्नपूर्णा योजना के अंतर्गत BPL राशन कार्ड प्राप्त परिवारों को प्रतिमाह 20 किलोग्राम खाद्यान्न वितरण का

मध्य प्रदेश के प्रमुख खिलाड़ी (Famous players of Madhya Pradesh)

मुश्ताक अली (Mushtaq Ali) मुश्ताक अली का जन्म 17 दिसंबर, 1914 को मध्य प्रदेश के इंदौर में हुआ तथा 18 जून, 2005 को इनका इंदौर में ही निधन हो गया। वे मशहूर क्रिकेटर रहे हैं। इन्होंने अपना प्रथम टेस्ट क्रिकेट मैच वर्ष 1934 में तथा टेस्ट क्रिकेट मैच वर्ष 1952 में खेला। मुश्ताक अली टेस्ट क्रिकेट

पृथ्वी की गतियाँ — घूर्णन और परिक्रमण

पृथ्वी की गति दो प्रकार की है घूर्णन – पृथ्वी का अपने अक्ष पर घूमना घूर्णन कहलाता है। परिक्रमण – सूर्य के चारों ओर एक स्थिर कक्ष में पृथ्वी की गति को परिक्रमण कहते हैं। घूर्णन (Rotation on the axis) पृथ्वी का अक्ष एक काल्पनिक रेखा है, जो इसके कक्षीय सतह से 66½° का कोण बनाती