2019 – IAS & PCS परीक्षा की दृष्टि से 2018 के महत्वपूर्ण करेंट अफेयर

1. भारत का पहला सबसे तेज़ चलने वाला सुपर कंप्यूटर ‘प्रत्यूष’ लॉन्च

केन्‍द्रीय पृथ्वी विज्ञान मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने 08 जनवरी 2018 को पुणे (Pune) में भारत का सबसे तेज और पहला मल्‍टीपेटाफ्लोप्‍स सुपर कम्‍प्‍यूटर देश को समर्पित किया. इस सुपर कम्‍प्‍यूटर को सूर्य के नाम पर प्रत्‍यूष नाम दिया गया है, इसे भारतीय मौसम विज्ञान संस्‍थान पुणे में लगाया गया है जिससे पृथ्‍वी विज्ञान मंत्रालय से सटीक मौसम और जलवायु पूर्वानुमान में और सुधार होगा|

भारत इस श्रेणी में ब्रिटेन, जापान और अमेरिका के बाद मौसम तथा जलवायु की निगरानी जैसे कार्यों के लिए एचपीसी क्षमता वाला चौथा प्रमुख देश बन गया है, फिलहाल के मौजूदा आंकड़ों के अनुसार ब्रिटेन 20.4 पेटाफ्लॉप अंकों के साथ सर्वाधिक एचपीसी क्षमता वाला देश है, इसके बाद जापान की एचपीसी क्षमता 20 पेटाफ्लॉप और अमेरिका की 10.7 पेटाफ्लॉप है|

2. ट्रेन-18 ने सफलतापूर्वक 180 किमी/घंटा की रफ़्तार पर ट्रायल रन पूरा किया

भारतीय रेलवे की पहली बिना इंजन वाली ट्रेन-18 परीक्षण के दौरान 180 किलोमीटर प्रति घंटे से अधिक स्पीड से सफलतापूर्वक दौड़ी, इस प्रकार यह देश की सबसे तेज दौड़ने वाली ट्रेन बन गई है, इस ट्रेन की अधिकतम स्पीड 220 किमी प्रति घंटे तक हो सकती है|

इससे पहले भारतीय पटरियों पर टैल्गो ट्रेन 180 की स्पीड से दौड़ी थी, लेकिन वह स्पेन की ट्रेन थी, मौजूदा समय में भारत की सबसे तेज दौड़ने वाली ट्रेन गतिमान एक्सप्रेस दिल्ली से झांसी के बीच अधिकतम 160 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड से सफर करती है|

3. जर्मनी में विश्व की पहली हाइड्रोजन इंधन वाली ट्रेन का सफल परीक्षण किया गया

जर्मनी में 18 सितंबर 2018 को विश्व की पहली हाइड्रोजन इंधन वाली ट्रेन का सफल ट्रायल किया गया. यह ट्रेन पूरी तरह से पर्यावरण के अनुकूल है अर्थात् डीजल इंजन की भांति इससे प्रदूषण नहीं होता. इसको फ्रांस की कंपनी एलस्टॉम (Alstom) ने दो साल की मेहनत के बाद तैयार किया है.

विश्व में बढ़ रही प्रदूषण की समस्या के चलते इस ट्रेन का निर्माण किया गया है. उत्तरी जर्मनी में हमबर्ग के पास एक रेलवे लाइन पर इस ट्रेन की का सफल ट्रायल हुआ. इस ट्रेन का नाम कोराडिया आई लिंट (Coradia iLint) रखा गया है. कंपनी द्वारा दावा किया गया है कि यह ट्रेन ज़ीरो एमिशन पैटर्न पर चलती है अर्थात् इससे कार्बन डाइऑक्साइड नहीं निकलती बल्कि इससे भाप उत्पन्न होती है.

4. ऑस्ट्रेलिया ग्रुप का 43वां सदस्य बना भारत, परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह में दावेदारी मजबूत

भारत द्वारा 19 जनवरी 2018 को ऑस्ट्रेलिया ग्रुप (एजी) का सदस्य बनना एक महत्वपूर्ण कामयाबी है. इस समूह की सदस्यता के मिलने पर भारत अंतरराष्ट्रीय परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह (एनएसजी) की सदस्यता के लिए मजबूती से दावेदारी रख सकता है.

ऑस्ट्रेलिया ग्रुप (एजी) परमाणु अप्रसार की एक महत्वपूर्ण व्यवस्था है, जिसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि निर्यातों से रासायनिक या जैविक हथियारों का विकास नहीं हो सके. मिसाइल टेक्नोलॉजी कंट्रोल रिजीम (एमटीसीआर) और वासेनार अरेंजमेंट (डब्ल्यूए) के बाद चार प्रमुख निर्यात नियंत्रण व्यवस्था में से एक एजी की सदस्यता मिलने से भारत को 48 सदस्यीय परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह (एनएसजी) में अपनी सदस्यता की दावेदारी पुख्ता बनाने में मदद मिल सकती है.

5. वैज्ञानिकों को पहली बार सौरमंडल के बाहर किसी चंद्रमा का साक्ष्य मिला

खगोल वैज्ञानिकों ने हब्बल एवं केपलर अंतरिक्ष दूरबीनों की मदद से हमारे सौरमंडल के बाहर पहले चंद्रमा (एक्जोमून) का पता लगाया है. यह धरती से 8,000 प्रकाश वर्ष दूर एक विशालकाय गैसीय ग्रह की परिक्रमा कर रहा है. ऐसा पहली बार है जब सौरमंडल के बाहर किसी चंद्रमा की खोज गई है.

‘साइंस एडवांसेस’ पत्रिका में प्रकाशित लेख के अनुसार यह एक्जोमून अपने बड़े आकार (नेप्चून के व्यास की तुलना में) के कारण अनोखा है. यह अपने आप में एक पहली घटना है. दरअसल हमारे सौरमंडल से बाहर स्थित ग्रह को एक्जोप्लैनेट (बहिर्ग्रह) और इसके चंद्रमा यानी उपग्रह को ‘एक्जोमून’ कहते हैं.

6. स्कॉर्पीन क्लास की तीसरी पनडुब्बी ‘करंज’ भारतीय नौसेना में शामिल

मुंबई के मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड (एमडीएल) से स्कॉर्पीन क्लास की तीसरी पनडुब्बी ‘करंज’ 31 जनवरी 2018 को लॉन्च की गयी. करंज को प्रोजेक्ट 75 प्रोग्राम के तहत एमडीएल द्वारा बनाया गया है. यह इस परियोजना के तहत बनाई जाने वाली छह पनडुब्बियों में से तीसरी है.

करंज से पूर्व इस श्रेणी की पहली पनडुब्बी आईएनएस कलवरी पिछले साल 14 दिसंबर को लॉन्च की गई थी. वहीं दूसरी पनडुब्बी खांदेरी भी लॉन्च की जा चुकी है. करंज को नौसेना में शामिल किये जाने के अवसर पर नेवी चीफ एडमिरल सुनील लांबा भी मौजूद थे.

7. स्वदेश निर्मित ड्रोन रुस्तम-2 का सफल परीक्षण

भारतीय रक्षा अनुसंधान संगठन (डीआरडीओ) ने 25 फरवरी 2018 को कर्नाटक के चित्रदुर्ग जिले में स्थित अपने परीक्षण केंद्र से स्वदेश निर्मित ड्रोन रुस्तम-2 का सफल परीक्षण किया. इस ड्रोन को भारत में ही बनाया गया है. डीआरडीओ की ओर से जारी जानकारी में कहा गया है कि मध्यम ऊंचाई तक और लंबी अवधि तक उड़ने वाले इस ड्रोन का विकास सेना की तीनों शाखाओं के लिए किया गया है.

रुस्तम-2 एक बार में लगातार 24 घंटे तक उड़ने की क्षमता रखता है और यह लगातार चौकसी कर सकता है और साथ में हथियार भी ले जा सकता है. मध्यम ऊंचाई तक और लंबी अवधि तक उड़ने वाले इस ड्रोन का विकास सेना की तीनों शाखाओं के लिए किया गया है.

8. आर्थिक सर्वेक्षण 2017-18: विस्तृत समीक्षा

केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने 29 जनवरी 2018 को आर्थिक सर्वेक्षण 2017-18 पेश किया. आर्थिक सर्वेक्षण में वित्त मंत्री अरुण जेटली ने वित्त वर्ष 2019 के दौरान जीडीपी के 7 से 7.5 प्रतिशत तक बढ़ने का अनुमान जताया है. वहीं तेजी से महंगा होता क्रूड भी सरकार की प्रमुख चिंताओं में से एक है जिसके इस वर्ष 12 प्रतिशत और महंगा होने का अनुमान है.

वर्ष 2016-17 में जीडीपी वृद्धि दर 7 प्रतिशत दर्ज करने के बाद 2017-18 में जीडीपी वृद्धि दर 7 से 7.5% रहने का अनुमान लगाया गया. इस कमी के बावजूद भारत की जीडीपी 2014-15 से 2017-18 तक औसतन 7.3 प्रतिशत रही जो कि विश्व की अन्य अर्थव्यवस्थाओं की तुलना में काफी बेहतर है.

9. बजट 2018: सभी क्षेत्रों (सेक्टर) के लिए की गई घोषणाएं

केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने द्वारा वित्त वर्ष 2018-19 के लिए पेश किये गये बजट में ग्रामीण एवं कृषि क्षेत्र को विशेष रूप से उल्लिखित किया गया. वित्त मंत्री के भाषण की शुरुआत खेतिहर किसानों के लिए किए गए कई बड़ी घोषणाओं से हुई. वित्त मंत्री ने कम लागत में अधिक फसल उगाने पर बल देते हुए किसानों को उनकी उपज का अधिक दाम दिलाने पर भी ध्यान केन्द्रित किया.

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने का लक्ष्य रखा. उन्होंने इस बात पर भी बल दिया कि उपज पर लागत से डेढ़ गुना अधिक दाम मिले. कृषि प्रोसेसिंग सेक्टर के लिए 1400 करोड़ रुपये रखे गये जबकि 500 करोड़ रुपये की लागत से ऑपरेशन ग्रीन आरंभ करने की भी घोषणा की गयी.

10. कुसुम योजना: 3 करोड़ सिंचाई पंप सौर उर्जा से लैस होंगे

आम बजट 2018-19 के दौरान की गई विभिन्न घोषणाओं में देश की सिंचाई व्यवस्था के लिए कुसुम योजना की घोषणा की गई. यह योजना देश के किसानों एवं कृषि व्यवस्था के लिए बड़ा बदलाव साबित हो सकती है. इस योजना के तहत देश में सिंचाई के लिए इस्तेमाल होने वाले सभी पंपों को सोलर आधारित बनाया जाएगा.

योजना का नाम किसान ऊर्जा सुरक्षा व उत्थान महाअभियान (कुसुम) रखा गया है. कुसुम योजना के अंतर्गत वर्ष 2022 तक देश में तीन करोड़ पंपों को बिजली या डीजल की जगह सौर ऊर्जा से चलाया जाएगा. कुसुम योजना पर कुल 1.40 लाख करोड़ रुपये की लागत आएगी.

11. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राजस्थान से राष्ट्रीय पोषण मिशन आरंभ किया

आम बजट 2018-19 के दौरान की गई विभिन्न घोषणाओं में देश की सिंचाई व्यवस्था के लिए कुसुम योजना की घोषणा की गई. यह योजना देश के किसानों एवं कृषि व्यवस्था के लिए बड़ा बदलाव साबित हो सकती है. इस योजना के तहत देश में सिंचाई के लिए इस्तेमाल होने वाले सभी पंपों को सोलर आधारित बनाया जाएगा.

योजना का नाम किसान ऊर्जा सुरक्षा व उत्थान महाअभियान (कुसुम) रखा गया है. कुसुम योजना के अंतर्गत वर्ष 2022 तक देश में तीन करोड़ पंपों को बिजली या डीजल की जगह सौर ऊर्जा से चलाया जाएगा. कुसुम योजना पर कुल 1.40 लाख करोड़ रुपये की लागत आएगी.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 08 मार्च 2018 को राजस्थान के झुंझूनू जिले में राष्ट्रीय पोषण मिशन की शुरुआत की. राष्ट्रीय पोषण मिशन के तहत सभी बच्चों को उचित पोषण मिलना सुनिश्चित किया जायेगा. राष्ट्रीय पोषण मिशन एक शीर्षस्थ निकाय के रूप में मंत्रालयों के पोषण संबंधी हस्तक्षेपों की निगरानी, पर्यवेक्षण, लक्ष्य निर्धारित करने तथा मार्गदर्शन करेगा. यह कार्यक्रम लक्ष्यों के माध्यम से ठिगनेपन, अल्प पोषाहार, रक्त की कमी तथा जन्म के समय बच्चे के वजन कम होने के स्तर में कमी के उपाय करेगा.

इससे बेहतर निगरानी समय पर कार्यवाही के लिए सावधानी जारी करने में तालमेल बिठाने तथा निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए मंत्रालय और राज्यों/संघ शासित क्षेत्रों को कार्य करने, मार्गदर्शन एवं निगरानी करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा.

12. स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने ‘लक्ष्य’ कार्यक्रम की घोषणा की

स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने 15 मार्च 2018 को प्रसूति गृह और ऑपरेशन कक्ष में देखभाल में गुणवत्ता में सुधार के उद्देश्य से हाल ही में ‘लक्ष्य’ कार्यक्रम की घोषणा की. इस कार्यक्रम से प्रसूति कक्ष, ऑपरेशन थियेटर और प्रसूति संबंधी गहन देखभाल इकाइयों (आईसीयू), उच्च निर्भरता इकाइयों (एचडीयू) में गर्भवती महिलाओं की देखभाल में सुधार होगा.

लक्ष्य कार्यक्रम सभी मेडिकल कॉलेज अस्पतालों, जिला अस्पतालों और फर्स्ट रेफरल यूनिट (एफआरयू) तथा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) में कार्यान्वित किया जा रहा है. इस कार्यक्रम का उद्देश्य 18 महीने के भीतर स्पष्ट परिणाम हासिल करने के लिए इसे तेजी से कार्यान्वित करना है.

13. RUSA योजना को 2020 तक जारी रखने की मंजूरी दी गई

आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडल समिति ने केंद्र द्वारा प्रायोजित योजना, राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान (RUSA) को 01 अप्रैल, 2017 से 31 मार्च, 2020 तक जारी रखने को मंजूरी दी है. इस अभियान के तहत केंद्र सरकार राज्यों को उच्च शिक्षा के लिए निधि आवंटित करती है. रूसा के तहत सरकार का लक्ष्य 2020 तक कुल नामांकन अनुपात 20 प्रतिशत से बढ़ाकर 30 प्रतिशत करना है.

राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान (रूसा) एक केंद्र सरकार प्रायोजित योजना है जो पात्र राज्य उच्चतर शैक्षिक संस्थाओं को वित्त पोषित करने के उद्देश्य से वर्ष 2013 में प्रारंभ किया गया था. केन्द्रीय वित्त पोषण (सामान्य वर्ग के राज्यों के लिए 65:35 के अनुपात में और विशेष वर्ग के राज्यों के लिए 90:10 के अनुपात में) मापदंड आधारित और आउटकम अधीन होगा. चिन्हित संस्थांनों में पहुंचने से पहले निधियन केन्द्रीय मंत्रालय से राज्य सरकारों/संघ शासित प्रदेशों के माध्यम से राज्य उच्चतर शिक्षा परिषदों को जाता है.

14. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आयुष्मान भारत योजना लॉन्च की

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 14 अप्रैल 2018 को महत्वाकांक्षी आयुष्मान भारत योजना लॉन्च की भीमराव अंबेडकर के जन्मदिन के मौके पर नरेंद्र मोदी ने यह योजना छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में लॉन्च की. इस योजना से देश के 10 करोड़ परिवारों और 50 करोड़ लोगों को लाभ प्राप्त होने की संभावना है.

आयुष्मान भारत योजना के तहत देश के करीब 50 करोड़ लोगों को 5 लाख रुपये का स्वास्थ्य बीमा मिलेगा. यहां पर पहले चरण की आयुष्मान भारत योजना लॉन्च की गई है. योजना आरंभ के दौरान प्रधानमंत्री ने घोषणा की कि देश में 1.5 लाख गांवों में हेल्थ और वेलनेस सेंटर खुलेंगे. यहां केवल बीमारी का इलाज ही नहीं होगा बल्कि स्वास्थ्य जांच की सुविधा भी मिलेगी.

15. प्रोजेक्ट धूप: बच्चों में Vitamin-D की कमी पूरी करने हेतु FSSAI की पहल

भारतीय खाद्य संरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) ने एनसीईआरटी, एनडीएमसी, उत्तरी एमसीडी और क्वालिटी लि. के साथ मिलकर स्कूलों में ‘प्रोजेक्ट धूप’ की शुरुआत की है. इसके तहत स्कूलों में सुबह की असेम्बली को 11:00 बजे से 1:00 बजे करने का आग्रह करते हुए ‘प्रोजेक्ट धूप’ की शुरुआत की गई है.

एफएसएसएआई द्वारा कराये गये अध्ययन में पता चला है कि भारत के 90 प्रतिशत स्कूली बच्चों में विटामिन डी की कमी है तथा उनकी हड्डियाँ सामान्य की अपेक्षा कमजोर हैं. दिल्ली के 90 से 97 प्रतिशत स्कूली बच्चों (6-17 वर्ष आयु वर्ग के) में विटामिन डी की कमी पाई गई है.

16. महिला फ्लाइंग ऑफिसर अवनी चतुर्वेदी ने रचा इतिहास, अकेले उड़ाया मिग-21 विमान

भारतीय वायु सेना की फ्लाइंग ऑफिसर अवनी चतुर्वेदी ने अकेले मिग-21 बाइसन लड़ाकू विमान उड़ाकर इतिहास रचा. अवनी चतुर्वेदी ने गुजरात के जामनगर एयरबेस से उड़ान भरकर अपना मिशन पूरा किया. वह अकेले लड़ाकू विमान उड़ाने वाली वह भारत की पहली महिला बन गई हैं.

अवनी के इस मिशन से पहले ही पूरी तरह मिग-21 बाइसन एयरक्राफ्ट की जांच की. अवनी के मिग में सवार होने पर अनुभवी फ्लायर्स और प्रशिक्षकों ने जामनगर एयरबेस के एयर ट्रैफिक कंट्रोल और रन-वे पर लगातार नज़र बनाये रखी.

17. प्रसिद्ध बॉलीवुड अभिनेत्री श्रीदेवी का निधन

बॉलीवुड की पहली महिला सुपरस्टार के रूप में प्रसिद्ध श्रीदेवी का 24 फरवरी 2018 को दुबई में निधन हो गया. वे 54 वर्ष ही थीं. वे एक समारोह में भाग लेने परिवार सहित दुबई गयीं थीं. उनका पार्थिव शरीर 26 फरवरी को मुंबई लाया जा रहा है. श्रीदेवी ने अपने करियर में 200 से अधिक फिल्मों में अभिनय किया. उन्होंने 54 वर्ष की आयु में से 50 वर्ष अभिनय एवं नृत्य को समर्पित किये. उन्होंने चार वर्ष की अल्पायु से ही अभिनय में कदम रखा था.

पांच फिल्मफेयर अवॉर्ड पाने वाली श्रीदेवी को 2013 में देश के चौथे सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्म श्री से भी सम्मानित किया जा चुका है. लगभग 15 वर्ष बॉलीवुड से दूर रहने के बाद उन्होंने 2012 में गौरी शिंदे के निर्देशन में बनी फिल्म ‘इंग्लिश विंग्लिश’ में अभिनय किया तथा वर्ष 2017 में मॉम में यादगार भूमिका निभाई.

18. स्टीफन हॉकिंग का निधन, जानिए उनका जीवन एवं वैज्ञानिक सिद्धांत

विश्व के सुप्रसिद्ध भौतिक वैज्ञानिक एवं ब्रह्मांड के रहस्यों के बारे में बताने वाले महान वैज्ञानिक स्टीफन हॉकिंग का निधन हो गया. वे 76 वर्ष के थे. स्टीफन हॉकिंग के परिवार ने 13 मार्च 2018 को एक बयान जारी कर उनके निधन की पुष्टि की है. हॉकिंग के परिवार में उनके बच्चे लूसी, रॉबर्ट और टिम हैं.

स्टीफन हॉकिंग ने ब्रह्मांड के बहुत से अहम् रहस्यों के बारे में अपनी राय व्यक्त की थी जो विश्व भर में विशिष्ट स्थान रखती है. स्टीफन हॉकिंग ने ब्लैक होल और बिग बैंग सिद्धांत को समझने में अहम योगदान दिया है. उनके पास 12 मानद डिग्रियां थीं. स्टीफन हॉकिंग के कार्यों के चलते उन्हें अमेरिका का सबसे उच्च नागरिक सम्मान भी प्रदान किया जा चुका है| 

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