प्राचीन भारतीय इतिहास का महत्त्व (4 Qus)

1 . प्राचीन भारत के इतिहास के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा कथन असत्य है?

(A) प्राचीन काल में प्राकृत भाषा देश भर की संपर्क-भाषा (लिंगुआ फ्रैंका) का काम करती थी।
(B) प्राचीन काल के दो महाकाव्य (रामायण और महाभारत) की रचना मूलतः संस्कृत भाषा में हुई थी।
(C) सम्राट अशोक के शिलालेख केवल प्राकृत भाषा और ब्राह्मी लिपि में लिखे गए थे।
(D) हमारे देश का नाम फारसी भाषाओं में हिंद और  अरबी भाषा में ‘इंडिया’  नाम से विदित हुआ है।

 

2. चक्रवर्ती राजा के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजियेः

1. वैसे राजा जिसके राज्य का प्रसार हिमालय से लेकर कन्याकुमारी तक तथा पूर्व में ब्रह्मपुत्र की घाटी से लेकर सिंधु पार तक होता था।
2. सम्राट अशोक और समुद्रगुप्त दोनों चक्रवर्ती राजा थे।

उपर्युक्त कथनों में कौन-सा/से सत्य है/हैं?

(A) केवल 1
(B) केवल 2
(C) 1 और 2 दोनों
(D) न तो 1 और न ही 2

 

3. आर्यों के सांस्कृतिक उपादान के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजियेः

1. आर्य सांस्कृतिक उपादान द्रविड़ और तमिल संस्कृति के अंग हैं।
2. प्राक् आर्य जातीय उपादान वैदिक और संस्कृतमूलक संस्कृति के अंग हैं।

उपर्युक्त कथनों में कौन-सा/से सत्य है/हैं?

(A) केवल 1
(B) केवल 2
(C) 1 और 2 दोनों
(D) न तो 1 और न ही 2

4. भारत में विदेशियों के आगमन का सही कालानुक्रम है?
(A) शक > हूण > तुर्क > यूनानी > आर्य
(B) आर्य > यूनानी > शक > हूण > तुर्क
(C) यूनानी > आर्य > शक > हूण > तुर्क
(D) आर्य > शक > यूनानी > तुर्क > हूण

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