Category: World History

अफ्रीका का विभाजन (Division of Africa)

भूमध्यसागर के दक्षिण में स्थित अफ्रीकी महादेश को अंध महादेश (Dark Continent) के नाम से भी जाना जाता था। इसके निवासी काले रंग वाले रूसी (नीग्रो) लोग थे और यह अफ्रीकी महादेश जंगलों एवं पहाड़ों से घिरा हुआ था। यूरोपीय नाविक इसके पश्चिम किनारे से होते हुए सुदूर दक्षिण तक जाते, किन्तु तटवर्ती क्षेत्रों को

साम्राज्यवाद और उपनिवेशवाद की अवधारणा (Imperialism and colonialism)

साम्राज्यवाद (Imperialism) साम्राज्यवाद वह दृष्टिकोण है जिसके अनुसार कोई महत्त्वाकांक्षी राष्ट्र अपनी शक्ति एवं गौरव को बढ़ाने के लिए अन्य देशों के प्राकृतिक और मानवीय संसाधनों पर अपना नियंत्रण स्थापित कर लेता है। यह हस्तक्षेप राजनीतिक, आर्थिक, सांस्कृतिक या किसी भी अन्य प्रकार का हो सकता है। इसका सबसे प्रत्यक्ष रूप किसी क्षेत्र को अपने

प्रथम विश्व युद्ध (1914-1919 CE)

जर्मन चांसलर बिस्मार्क ने 1870-1871 में फ्रांस को पराजित एवं अपमानित कर जर्मनी का एकीकरण किया। इसके साथ ही यूरोप में गुप्त संधियों का दौर शुरु हुआ और जिसका परिणाम स्वरुप 1914 में विश्वयुद्ध हुआ। प्रथम विश्वयुद्ध के कारण: आयुद्धों की होड़ विकृत राष्ट्रवाद आतंकवादियों ने आस्ट्रिया के राजकुमार फ्रांज फर्डिनेप्ड की हत्या कर दी

द्वितीय विश्व युद्ध (1939 – 1945 CE)

द्वितीय विश्व युद्ध 1 सितम्बर 1939 को शुरु हुआ। द्वितीय विश्व युद्ध के कारण  वार्साय की संधि  तुष्टिकरण की नीति राष्ट्र संघ की असफलता उग्र राष्ट्रवाद  सैन्यीकरण द्वितीय विश्व युद्ध का तात्कालिक कारण 1938 ई. तक हिटलर की आक्रामक गतिविधियों के कारण यूरोप का वातावरण तनावपूर्ण हो गया था। हिटलर ने चेकोस्लोवाकिया पर अधिकार करने

यूरोप में धार्मिक पुनर्जागरण (Religious Renaissance in Europe)

16वीं सदी में पोप की सत्ता एवं भ्रष्टाचार के खिलाफ एक आन्दोलन प्रारम्भ हुआ, जिसे धर्मसुधार आन्दोलन कहा गया है। यह धर्म सुधार दो तरह से हुआ – प्रोटेस्टेंट धर्म सुधार: इसमें कैथोलिक धर्म में व्याप्त बुराइयों को चुनौती दी गयी, एवं एक नवीन धर्म का उदय हुआ। प्रतिधर्म सुधार आन्दोलन : इसके अन्तर्गत कैथोलिक

यूरोप में प्रबोधन का युग (The era of enlightenment in Europe)

वैज्ञानिक आविष्कारों और अनुसंधानों के कारण न केवल विज्ञान के क्षेत्र में बल्कि धर्म,राजनीति, अर्थव्वस्था, दर्शन, साहित्य आदि अनेक मानवीय क्षेत्रों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण का उदय हुआ इस वैज्ञानिक दृष्टिकोण के आधार पर विकसित दार्शनिक या वैचारिक क्रान्ति को प्रबोधन या ज्ञानोदय कहते हैं। प्रबोधन की विशेषताएँ  प्रयोग एव परीक्षण पर बल दिया कार्यकरण सम्बन्ध

यूरोप में औद्योगिक क्रान्ति (Industrial Revolution in Europe)

औद्योगिक क्रान्ति से तात्पर्य है कि उत्पादन की पद्धति परिवर्तन। औद्योगिक क्रान्ति परिवर्तनों की एक सतत श्रृंखला है। सर्वप्रथम “लुई ब्लों” नामक समाजवादी विचारक ने मुहावरे के तौर पर इस शब्द का प्रयोग किया। औद्यागिक क्रान्ति ने न केवल आर्थिक जीवन में क्रान्तिकारी परिवर्तन किया बल्कि सामाजिक, राजनीतिक एवं सांस्कृतिक जीवन को भी व्यापक तौर पर

यूरोप में पुनर्जागरण (Renaissance in Europe)

पुनर्जागरण का शाब्दिक अर्थ होता है पुन:जागना। पुनर्जागरण के कारन यूरोप में  कला, साहित्य, राजनीति, समाज,अर्थव्यवस्था, धर्म में एक नई प्रकार की सोच या मनोदशा का विकास हुआ। पुनर्जागरण के कारण: धर्मयुद्ध: पश्चिमी यूरोपीय राष्ट्र एवं अरबों के बीच जेरूसलम पर अधिकार को लेकर युद्ध हुए। इन युद्धों के कारण यूरोपीय श्रेष्ठता या धार्मिक श्रेष्ठता
error: Content is protected !!