Category: Uttarakhand

पौड़ी गढ़वाल (Pauri Garhwal)

उपनाम – गढ़वाल अस्तित्व – 1840 A.D क्षेत्रफल – 5438 वर्ग किमी . तहसील – 10 (पौड़ी, लैंसडाउन, श्रीनगर, यमकेश्वर, थलीसैण, चौबटाखाल, कोटद्वार, चकीसैण, थुमाकोट, सतपुली) विकासखंड – 15 (रिखणीखाल, बीरोंखाल, कलजी खाल, लैंसडाउन, पौड़ी, कोट, द्वारीखाल, यमकेश्वर, थलीसैण,  पोखड़ा, नैनिडाडा, खिर्सू, पाबौ, दुगड्डा, पाणाखेत) प्रसिद्ध मन्दिर – ज्वालपा देवी, धारीदेवी, दुर्गा देवी, विष्णु मंदिर,  चामुंडादेवी, कमलेश्वर मंदिर, सिद्धबली मंदिर, नीलकंठ महादेव, ताड़केश्वर मंदिर प्रसिद्ध

हरिद्वार (Haridwar)

हरिद्वार उत्तराखंड राज्य का एक जिला है जो कि गंगा नदी के तट पर बसा हुआ है।  हरिद्वार गंगा नदी के किनारे लगने वाले कुम्भ मेले के लिए प्रसिद्ध है। उपनाम – मायानगरी Existence -28 दिसम्बर, 1988 क्षेत्रफल – 3090 वर्ग किमी . तहसील – 5 (हरिद्वार, भगवनापुर, नारसन, लक्सर, रुड़की) विकासखंड – 6 (रुड़की, बहादराबाद, लक्सर, नारसन,  भगवनापुर, खानपुर) प्रसिद्ध मन्दिर –

अल्मोड़ा (Almora)

उपनाम – विभाण्डेश्वर, ताम्रनगरी,  बाल मिठाई का घर, द्वाराहाट – मंदिरों की नगरी स्थापना – 1839 (ई./C.E) क्षेत्रफल – 3090 वर्ग किमी . तहसील – 11 (अल्मोड़ा, भिकियासैण,  चौखुटिया, सोमेश्वर, सल्ट, रानीखेत, जैती, भनौली, द्वाराहाट,  धौलाछिना, स्यालदे, ) विकासखंड – 11 (ताड़ीखेत, लमगडा, धौलादेवी, द्वाराहाट, ताकुला, चौखुटिया, सल्ट, भिकियासैण,  हवालबाग, स्यालदे, भैसियाछाना,) प्रसिद्ध मन्दिर – चितई मंदिर, विन्सर महादेव, वीरनेश्वर, सितलादेवी, नागेश्वर ज्योतिर्लिंग, नंदादेवी, कटारमल सूर्य

चम्पावत (Champawat)

उपनाम – चम्पावती (काली कुमाऊं) स्थापना– 15 सितम्बर, 1997 क्षेत्रफल – 1955.26 वर्ग किमी . तहसील –  5 (चम्पावत, पूर्णागिरी, पाटी, बाराकोट, , लोहाघाट) विकासखंड – 4 (चम्पावत, बाराकोट, पाटी, लोहाघाट) प्रसिद्ध मंदिर – नागनाथ मंदिर, हिंग्लादेवी, घटोत्कच मंदिर, मानेश्वर, गोलू देवता, दुर्गा, बालेश्वर, पूर्णागिरी, कान्तेश्वर, आदित्य मंदिर, लड़ीघुरा, प्रसिद्ध मेले – देवीधूरा (बग्वाल मेला),  पूर्णागिरी मेला, देवी महोत्सव, सूर्याषष्टी,  द्विपमाहोत्सव, गोरा अटठारी

चमोली (Chamoli)

उपनाम – अलकापुरी, चांदपुरगढ़ी अस्तित्व – 14 फरवरी, 1960 क्षेत्रफल – 7692 वर्ग किमी . तहसील – 8 (चमोली, जोशीमठ, गैरसैंण, घाट,  राली, पोखरी, आदिबद्री, कर्णप्रयाग) विकासखंड – 8 (जोशीमठ, दशोली, नारायणबगढ़, थराली, घाट, देवाल,  कर्णप्रयाग, गैरसैण, ) प्रसिद्ध मन्दिर – नारायण मंदिर,  बद्रीनाथ धाम (उत्तर का धाम), विष्णु मंदिर, उमादेवी (कर्णप्रयाग), नंदादेवी प्रसिद्ध मेले –  शहीद भवानी दत्त जोशी मेला, वंड विकास मेला, असेड सिमली

उधम सिंह नगर (Udham Singh Nagar)

उपनाम – गोविषाण स्थापना –  October 1995 में नैनीताल जिले से अलग करके इसकी स्थापना की गयी क्षेत्रफल – 2912 वर्ग किमी . तहसील – 8 (काशीपुर, गदरपुर, जसपुर, खटीमा, किच्छा, सितारगंज, बाजपुर, रुद्रपुर विकासखंड – 7 ( खटीमा,  काशीपुर, रुद्रपुर, सितारगंज, बाजपुर, गदरपुर, जसपुर) प्रसिध्द मन्दिर – चैती मंदिर, अटरिया मंदिर, नानकमत्ता, प्रसिध्द मेले – अटरिया मेला (काशीपुर, रुद्रपुर), शहीद उधमसिंह मेला (रुद्रपुर),

पिथौरागढ़ (Pithoragarh)

पूर्व नाम  –  सोहरा घाटी उपनाम – छोटा कश्मीर अस्तित्व – 24 फ़रवरी 1960 क्षेत्रफल – 7110 वर्ग किमी . तहसील – 10 (गणाई-गंगोली, धारचूला, गंगोलीहाट, बेरीनाग, बंगापनी, मुनस्यारी, डीडीहाट, कनालीछीना, देवलथल, पिथौरागढ़) विकासखंड – 8 (धारचूला, बेरीनाग, मुनस्यारी, गंगोलीहाट, पिथौरागढ़, मूनाकोट, डीडीहाट, कनालीछीना ) प्रसिद्ध पर्यटन स्थल –   नारायण स्वामी आश्रम, डीडीहाट, पाताल भुवनेश्वर, गंगोलीहाट, जौलजीवी, मुनस्यारी, छोटा कैलाश जल विद्धुत परियोजनायें

नैनीताल (Nainital)

उपनाम – सरोवर नगरी स्थापना – 1841 ई. में  “P. Baron” द्वारा की गयी क्षेत्रफल – 3853 वर्ग किमी . तहसील – 8 (हल्द्वानी, रामनगर, नैनीताल, कालाढूंगी बेतालघाट, धारी, कोश्याकुटौली,  लालकुँआ) विकासखंड – 8 (हल्द्वानी, धारी, रामनगर, ओखलकांडा, भीमताल, बेतालघाट, रामगढ, कोटाबाग) प्रसिद्ध मन्दिर – हनुमानगढ़ी, गर्जिया देवी, नैनादेवी मंदिर,  मुक्तेश्वर, गर्जिया देवी प्रसिद्ध  मेले – नंदा देवी,  बैशाखी पर्व ग्रामीण, हिमालय हाट पर्यटक स्थल – 

बागेश्वर (Bageshwar)

बागेश्वर उत्तराखण्ड राज्य में स्थित एक जिला है। वर्ष 1997 में अल्मोड़ा जिले का विभाजन करके बागेश्वर जिले की स्थापना की गयी। यह नगर प्रसिद्ध नदियां पूर्वी गंगा और कोसी नदी के तट पर बसा है। यहाँ की प्राकृतिक सुंदरता और लौकिक गाथाओं के कारण बागेश्वर अत्यधिक प्रसिद्ध नगर है। उपनाम –  व्याघ्रेश्वर, भारत का स्विट्ज़रलैंड ‘कौसानी’,  उत्तर का

चिपको आंदोलन – गौरा देवी

चिपको आन्दोलन एक पर्यावरण-रक्षा का आन्दोलन है। यह आन्दोलन तत्कालीन उत्तर प्रदेश (वर्तमान उत्तराखंड) के चमोली जिले में सन 1973 में प्रारम्भ हुआ। यह भारत के उत्तराखण्ड राज्य में किसानो ने गौरा देवी के नेतृत्व में वृक्षों की कटाई का विरोध करने के लिए किया था। वे राज्य के द्वारा वनों की कटाई का विरोध कर रहे थे और उन पर अपना