Category: Uttarakhand

विभिन्न क्षेत्रों में उत्तराखण्ड के प्रथम व्यक्ति

1. उत्तराखंड राज्य के प्रथम मुख्यमन्त्री  [showhide type=”links01″ more_text=”Show Answer ” less_text=”Hide Answer “]श्री नित्यानन्द स्वामी[/showhide] 2. उत्तराखंड राज्य के प्रथम राज्यपाल [showhide type=”links02″ more_text=”Show Answer ” less_text=”Hide Answer “]सुरजीत सिंह बरनाला[/showhide] 3. उत्तराखंड राज्य के प्रथम निर्वाचित मुख्यमन्त्री  [showhide type=”links03″ more_text=”Show Answer ” less_text=”Hide Answer “] नारायण दत्त तिवारी[/showhide] 4. उत्तराखंड राज्य के प्रथम

कुली बेगार आन्दोलन (Kuli Begar Movement)

इस प्रथा में व्यक्ति को बिना पारिश्रमिक दिए कुली का काम करना पड़ता था  इसी कारण इसे  कुली बेगार (Kuli Begar) कहा जाता था | विभिन्न ग्रामों के ग्राम प्रधानो (पधानों) का यह दायित्व था, कि वह एक निश्चित अवधि के लिये, निश्चित संख्या में  शासक वर्ग (अंग्रेज़ो) को कुली उपलब्ध कराएगा। इस कार्य के

उत्तराखंड का इतिहास – प्रागैतिहासिक काल

उत्तराखंड (Uttarakhand) राज्य में विभिन्न स्थानों से प्राप्त हुए पाषाणकालीन उपकरण, गुफा, शैल-चित्र, कंकाल, और  धातुओं के उपकरणों से प्रागैतिहासिक काल में मानव निवास की पुष्टि हुई हैं| इस काल के साक्ष्य निम्न स्थलों से प्राप्त हुए है – लाखु गुफा (Lakhu Cave) – वर्ष 1963 में लाखु उड्यार (Cave) की खोज सुयाल नदी के पूर्वी तट पर

उत्तराखण्ड का परिचय

उत्तराखंड राज्य उत्तराखंड (Uttarakhand) भारत के उत्तर में स्थित एक राज्य है। यह भारत का 27 वाँ और हिमालिय क्षेत्र का 11वाँ राज्य हैं। इसे देवभूमि (Devbhomi) के नाम से भी जाना जाता हैं क्योंकि यहाँ पर बहुत से हिन्दू देवी-देवताओँ  के मंदिर स्थित हैं। राज्य को दो हिस्से गढ़वाल (Garhwal) और कुमाऊं (Kumaun) में विभाजित

देहरादून (Dehradun) 

उपनाम – द्रोणागिरी, पहाड़ो की रानी(मसूरी) अस्तित्व – 1857 A.D क्षेत्रफल – 3088 वर्ग किमी . तहसीलें – 7 (ऋषिकेश, चकराता, त्यूणी, , विकासनगर, डोईवाला, , देहरादून, कालसी) विकासखंड – 6 (डोईवाला, चकराता, कालसी,  रायपुर, विकासनगर, सहसपुर) प्रसिद्ध मन्दिर – महासू देवता, संतलादेवी, डाटकाली,  टपकेश्वर, कालसी, बुद्धाटेम्पल प्रसिद्ध मेले –  दशहरा, जौनसारी भाबर का मेला, बिस्सू मेला, क्वानू,  झंडा मेला, लखवाड, महासू देवता, शरदोत्सव (मसूरी), टपकेश्वर मेला

उत्तरकाशी (Uttarkashi)

पुराना नाम – बाड़ाहाट उपनाम – उत्तर का काशी अस्तित्व – 24 फ़रवरी 1960 क्षेत्रफल – 8016 वर्ग किमी . तहसील – 6 ( मोरी,  भटवाड़ी, चिन्यालीसौड़, डुंडा, पुरोला, बड़कोट) विकासखंड – 6 (मोरी,  भटवाड़ी, चिन्यालीसौड़, डुंडा, पुरोला, नौगाव ) प्रसिद्ध मन्दिर – रेनुका देवी,  गंगोत्र, शनि मंदिर,  यमुनोत्री,  पोखू देवता, कर्णदेवता, विश्वनाथ मंदिर, शक्ति पीठ,  दुर्योधन मंदिर, कुटेटी देवी, कपिलमुनि आश्रम, भैरव देवता का

टिहरी गढ़वाल (Tehri Garhwal)

अस्तित्व – 01 अगस्त, 1949 क्षेत्रफल – 4085 वर्ग किमी . तहसील – 10 (घनसाली, टिहरी, जाखणीधार, नरेन्द्र नगर, धनोल्टी,  प्रतापनगर, कांडीसौड़, गजा, देवप्रयाग, नैनाबाग़) विकासखंड – 10 (देवप्रयाग, टिहरी, कीर्तिनगर,  चम्बा,  घनसाली, प्रतापनगर, जौनपुर, जाखाणीधार, नरेन्द्रनगर,  धौलधार) प्रसिद्ध मन्दिर – श्री रघुनाथ जी, महतकुमारिका, सुरकंडा, कुंजापुरी, ओनेश्रवर महादेव,  सेममुखेम नागराज, रमणा मंदिर, बूढा केदार, घंटाकर्ण प्रसिद्ध मेले – नागेन्द्र सकलानी मेला, कुंजापुरी मेला, गुरुमाणिकनाथ मेला, 

रुद्रप्रयाग (Rudraprayag)

उपनाम – पुनाड़, रुद्रावत अस्तित्व – 18 सितम्बर, 1997 क्षेत्रफल – 1984 वर्ग किमी . तहसील – 3 (जखोली, रुद्रप्रयाग, ऊखीमठ) विकासखंड – 3 (अगस्त्य मुनि, जखोली, ऊखीमठ) प्रसिद्ध मन्दिर –  कार्तिकस्वामी, केदारनाथ, कालीमठ,  तुंगनाथ,  त्रिजुगिनारायण, चंद्रशिला, कलपेश्वर,  बाणासुर गढ़ मंदिर, काटेश्वर महादेव, गुप्तकाशी, अगस्तेश्वर महादेव, गोरीकुंड,  हरियाली देवी, सोनप्रयाग, उमनारायण मंदिर, ओमकेश्वर, नारीदेवी मंदिर प्रसिद्ध मेले – विषुवत संक्रांति प्रसिद्ध पर्यटक स्थल – त्रिजुगिनारायण, 

पौड़ी गढ़वाल (Pauri Garhwal)

उपनाम – गढ़वाल अस्तित्व – 1840 A.D क्षेत्रफल – 5438 वर्ग किमी . तहसील – 10 (पौड़ी, लैंसडाउन, श्रीनगर, यमकेश्वर, थलीसैण, चौबटाखाल, कोटद्वार, चकीसैण, थुमाकोट, सतपुली) विकासखंड – 15 (रिखणीखाल, बीरोंखाल, कलजी खाल, लैंसडाउन, पौड़ी, कोट, द्वारीखाल, यमकेश्वर, थलीसैण,  पोखड़ा, नैनिडाडा, खिर्सू, पाबौ, दुगड्डा, पाणाखेत) प्रसिद्ध मन्दिर – ज्वालपा देवी, धारीदेवी, दुर्गा देवी, विष्णु मंदिर,  चामुंडादेवी, कमलेश्वर मंदिर, सिद्धबली मंदिर, नीलकंठ महादेव, ताड़केश्वर मंदिर प्रसिद्ध

हरिद्वार (Haridwar)

हरिद्वार उत्तराखंड राज्य का एक जिला है जो कि गंगा नदी के तट पर बसा हुआ है।  हरिद्वार गंगा नदी के किनारे लगने वाले कुम्भ मेले के लिए प्रसिद्ध है। उपनाम – मायानगरी Existence -28 दिसम्बर, 1988 क्षेत्रफल – 3090 वर्ग किमी . तहसील – 5 (हरिद्वार, भगवनापुर, नारसन, लक्सर, रुड़की) विकासखंड – 6 (रुड़की, बहादराबाद, लक्सर, नारसन,  भगवनापुर, खानपुर) प्रसिद्ध मन्दिर –