Category: Uttarakhand

कुली बेगार आन्दोलन (Kuli Begar Movement)

इस प्रथा में व्यक्ति को बिना पारिश्रमिक दिए कुली का काम करना पड़ता था  इसी कारण इसे  कुली बेगार (Kuli Begar) कहा जाता था | विभिन्न ग्रामों के ग्राम प्रधानो (पधानों) का यह दायित्व था, कि वह एक निश्चित अवधि के लिये, निश्चित संख्या में  शासक वर्ग (अंग्रेज़ो) को कुली उपलब्ध कराएगा। इस कार्य के

जगदीश चंद्र बोस

Birth —: November 30, 1858, Death —: November 23, 1937 श्री जगदीश चंद्र बोस भारत के प्रसिद्ध भौतिकविद् तथा पादपक्रिया वैज्ञानिक (Physicist and plant scientist) थे| जगदीश चंद्र बोस ने कई महान ग्रंथ भी लिखे हैं, जिनमें से कुछ निम्नलिखित विषयों पर आधारित हैं, जैसे- सजीव तथा निर्जीव की अभिक्रियाएँ (1902), वनस्पतियों की अभिक्रिया (1906),

उत्तराखंड का इतिहास – प्रागैतिहासिक काल

उत्तराखंड (Uttarakhand) राज्य में विभिन्न स्थानों से प्राप्त हुए पाषाणकालीन उपकरण, गुफा, शैल-चित्र, कंकाल, और  धातुओं के उपकरणों से प्रागैतिहासिक काल में मानव निवास की पुष्टि हुई हैं| इस काल के साक्ष्य निम्न स्थलों से प्राप्त हुए है – लाखु गुफा (Lakhu Cave) – वर्ष 1963 में लाखु उड्यार (Cave) की खोज सुयाल नदी के पूर्वी तट पर

उत्तराखण्ड का परिचय

उत्तराखंड राज्य उत्तराखंड (Uttarakhand) भारत के उत्तर में स्थित एक राज्य है। यह भारत का 27 वाँ और हिमालिय क्षेत्र का 11वाँ राज्य हैं। इसे देवभूमि (Devbhomi) के नाम से भी जाना जाता हैं क्योंकि यहाँ पर बहुत से हिन्दू देवी-देवताओँ  के मंदिर स्थित हैं। राज्य को दो हिस्से गढ़वाल (Garhwal) और कुमाऊं (Kumaun) में विभाजित

भारतीय मूल की गीता गोपीनाथ अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) की मुख्य अर्थशास्त्री नियुक्त

अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (International Monetary Fund – IMF) ने 01 अक्टूबर 2018 को भारतीय मूल की गीता गोपीनाथ को मुख्य अर्थशास्त्री नियुक्त किया है, अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (International Monetary Fund – IMF) में इस पद पर पहुंचने वाली गीता दूसरी भारतीय हैं. उनसे पहले भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) के पूर्व  गवर्नर रघुराम राजन भी IMF में प्रमुख

2 अक्तूबर – लाल बहादुर शास्त्री जी जन्मदिवस

लालबहादुर शास्त्री जी  जन्म: 2 अक्टूबर 1904 मुगलसराय (उत्तर प्रदेश) मृत्यु: 11 जनवरी 1966 (ताशकन्द) वह 9 जून 1964 से 11 जनवरी1966 को अपनी मृत्यु तक लगभग अठारह महीने भारत के प्रधानमन्त्री रहे। प्रमुख तथ्य ये वही शास्त्री जी हैं, जिन्होंने अपने प्रधानमंत्री रहते लाहौर पर कब्ज़ा जमाया था, पुरे विश्व ने जोर लगा लिया लेकिन लाहौर देने से इनकार कर दिया था |

देहरादून (Dehradun) 

उपनाम – द्रोणागिरी, पहाड़ो की रानी(मसूरी) अस्तित्व – 1857 A.D क्षेत्रफल – 3088 वर्ग किमी . तहसीलें – 7 (ऋषिकेश, चकराता, त्यूणी, , विकासनगर, डोईवाला, , देहरादून, कालसी) विकासखंड – 6 (डोईवाला, चकराता, कालसी,  रायपुर, विकासनगर, सहसपुर) प्रसिद्ध मन्दिर – महासू देवता, संतलादेवी, डाटकाली,  टपकेश्वर, कालसी, बुद्धाटेम्पल प्रसिद्ध मेले –  दशहरा, जौनसारी भाबर का मेला, बिस्सू मेला, क्वानू,  झंडा मेला, लखवाड, महासू देवता, शरदोत्सव (मसूरी), टपकेश्वर मेला

उत्तरकाशी (Uttarkashi)

पुराना नाम – बाड़ाहाट उपनाम – उत्तर का काशी अस्तित्व – 24 फ़रवरी 1960 क्षेत्रफल – 8016 वर्ग किमी . तहसील – 6 ( मोरी,  भटवाड़ी, चिन्यालीसौड़, डुंडा, पुरोला, बड़कोट) विकासखंड – 6 (मोरी,  भटवाड़ी, चिन्यालीसौड़, डुंडा, पुरोला, नौगाव ) प्रसिद्ध मन्दिर – रेनुका देवी,  गंगोत्र, शनि मंदिर,  यमुनोत्री,  पोखू देवता, कर्णदेवता, विश्वनाथ मंदिर, शक्ति पीठ,  दुर्योधन मंदिर, कुटेटी देवी, कपिलमुनि आश्रम, भैरव देवता का

टिहरी गढ़वाल (Tehri Garhwal)

अस्तित्व – 01 अगस्त, 1949 क्षेत्रफल – 4085 वर्ग किमी . तहसील – 10 (घनसाली, टिहरी, जाखणीधार, नरेन्द्र नगर, धनोल्टी,  प्रतापनगर, कांडीसौड़, गजा, देवप्रयाग, नैनाबाग़) विकासखंड – 10 (देवप्रयाग, टिहरी, कीर्तिनगर,  चम्बा,  घनसाली, प्रतापनगर, जौनपुर, जाखाणीधार, नरेन्द्रनगर,  धौलधार) प्रसिद्ध मन्दिर – श्री रघुनाथ जी, महतकुमारिका, सुरकंडा, कुंजापुरी, ओनेश्रवर महादेव,  सेममुखेम नागराज, रमणा मंदिर, बूढा केदार, घंटाकर्ण प्रसिद्ध मेले – नागेन्द्र सकलानी मेला, कुंजापुरी मेला, गुरुमाणिकनाथ मेला, 

रुद्रप्रयाग (Rudraprayag)

उपनाम – पुनाड़, रुद्रावत अस्तित्व – 18 सितम्बर, 1997 क्षेत्रफल – 1984 वर्ग किमी . तहसील – 3 (जखोली, रुद्रप्रयाग, ऊखीमठ) विकासखंड – 3 (अगस्त्य मुनि, जखोली, ऊखीमठ) प्रसिद्ध मन्दिर –  कार्तिकस्वामी, केदारनाथ, कालीमठ,  तुंगनाथ,  त्रिजुगिनारायण, चंद्रशिला, कलपेश्वर,  बाणासुर गढ़ मंदिर, काटेश्वर महादेव, गुप्तकाशी, अगस्तेश्वर महादेव, गोरीकुंड,  हरियाली देवी, सोनप्रयाग, उमनारायण मंदिर, ओमकेश्वर, नारीदेवी मंदिर प्रसिद्ध मेले – विषुवत संक्रांति प्रसिद्ध पर्यटक स्थल – त्रिजुगिनारायण,