Category: History

सिकंदर लोदी (Sikander Lodi 1489-1517 ई०)

मूल नाम – निजाम खाँ था। माता – जैबन्द (सुनार की पुत्री) राज्यारोहण – 16 जुलाई 1489 ई० निधन  – 21 नवंबर 1517 बहलोल लोदी उसने अपनी मृत्यु से पूर्व  ही सिकंदर लोदी को अपना उत्तराधिकारी घोषित कर दिया था। बहलोल लोदी के मृत्यु के पश्चात 16 जुलाई 1489 ई० में निजाम खाँ, सिकन्दर लोदी के नाम से सिंहासनारूढ़ हुआ। सैन्य

बहलोल लोदी (Bahlol Lodi 1451-1489 ई०)

लोदी वंश का संस्थापक बहलोल लोदी था, यह वंश दिल्ली सल्तनत का अंतिम राजवंश था। बहलोल लोदी अफगानिस्तान के गिलजाई कबीले के लोदी शाखा के शाहूखेल वर्ग से सम्बन्धित था।  राज्याभिषेक – 19 अप्रैल, 1451 ई० महमूद खिलजी के आक्रमण को विफल कर बहलोल लोदी ने सुल्तान मुहम्मद शाह की विशेष कृपा हुई। बहलोल लोगी की सेवा

इब्राहिम लोदी (Ibrahim Lodi 1517-1526 ई०)

सिकन्दर लोदी की मृत्यु के पश्चात् उसका ज्येष्ठ पुत्र इब्राहिम लोदी 22 नवम्बर, 1517 ई० को शासक बना। यह लोदी वंश का अन्तिम शासक था। 1526 ई० में पानीपत का प्रथम युद्ध बाबर व इब्राहिम लोदी के मध्य हुआ, जिसमें बाबर विजयी हुआ, और भारत में मुगल वंश की स्थापना की। इब्राहिम लोदी के समय की

दिल्ली सल्तनत (Delhi Sultanate 1206 – 1526 ई.)

वर्ष 1206 ई.मोहम्मद ग़ोरी की मृत्यु के पश्चात उसके दास कुतुबुद्दीन ऐबक द्वारा दिल्ली सल्तनत की स्थापना गई। इस्लाम की स्थापना के पश्चात अरब और मध्य एशिया में हुए धार्मिक और राजनीतिक परिवर्तनों के कारण जो प्रसारवादी गतिविधियां हुई।  दिल्ली सल्तनत की स्थापना उत्तरी भारत में तुर्कों के सैनिक अभियानों का उसी का प्रत्यक्ष परिणाम था,

विजयनगर साम्राज्य (Vijayanagara Empire 1336 – 1652 ई.)

भारत के दक्षिण पश्चिमी तट पर 1336 ई. में विजय नगर राज्य (वर्तमान नाम हम्पी नगर) की स्थापना हरिहर और बुक्का नामक दो भाईयों ने की थी। मोहम्मद तुगलक की जन कम्पिली की विजय के पश्चात, हरिहर एवं बुक्का को बंदी बनाकर दिल्ली लाया गया और उन्होंने मुस्लिम धर्म स्वीकार कर लिया, किन्तु जब कम्पिली

अकबरकालीन शासन व्यवस्था

शासन व्यवस्था अकबर ने संपूर्ण साम्राज्य को 15 सूबो (प्रांतो) में विभक्त कर दिया था। सूबों को सरकार (जिला), परगना (तहसील) तथा गांवों में विभक्त कर दिया। इनका कार्यभार निम्नलिखित अधिकारियों द्वारा संचालित किया जाता थाः । सूबा/प्रांतीय प्रशासन: सिपासालार – यह कार्यकारी मुखिया था, जिसे बाद में निज़ाम या सूबेदार के नाम से जाने

जलालुद्दीन मोहम्मद अकबर (1556-1605 ई.)

जन्म – 15 अक्टूबर 1542 ई. (अमरकोट राणा वीरसाल के महल में) माता-पिता – हमीदा बानो बेगम, हुमायूँ मूल नाम – जलालुद्दीन मोहम्मद अकबर राज्याभिषेक – 14 फरवरी 1556 ई. कलानौर (पंजाब) अकबर का राज्याभिषेक 14 फरवरी 1556 ई. कलानौर (पंजाब) नामक स्थान पर मात्रा 14 वर्ष की अल्पायु में हुआ। अल्पायु के कारण अकबर

हुमायूँ – Humayun (1530-1556 ई.)

जन्म – 6 मार्च 1508 ई. (काबुल) माता – पिता – माहम बेगम, बाबर मूल नाम – नसीरुद्दीन महमूद राज्याभिषेक – 6 दिसंबर 1530 (आगरा) शासक बनने के पश्चात हुमायूँ ने अपने साम्राज्य का विभाजन अपने भाइयों में कर दिया जो उसकी सबसे बड़ी भूल थी | अपने पिता की इच्छानुसार हुमायूँ ने अस्करी को

बाबर – Babar (1526-1530 ई.)

भारत में मुग़ल वंश का संस्थापक बाबर था | बाबर पिता की ओर से “चग़ताई तुर्क” तथा माता की ओर से “मंगोल वंश” से सम्बंधित था| अपने पिता की अकस्मात् मृत्यु के बाद बाबर मात्र 12 वर्ष की आयु में फरगना का शासक बना | किन्तु बाबर के द्वारा लिखित अपनी आत्मकथा में उसने स्वयं

बहमनी राज्य का प्रशासन (Administration of Bahmani Empire)

केंद्रीय  प्रशासन –  शासन का प्रधान सुलतान था जो निरंकुश और स्वेच्छाचारी शासक होता था, जो  केंद्रीय प्रशासन सामान्यत: 8 मंत्रियों के सहयोग से संचलित किया जाता था | वकील-उस- सल्तनत – यह प्रधानमंत्री था। सुल्तान के सभी आदेश उसके द्वारा ही पारित हात थे | अमीर-ए-जुमला – यह वित्तमंत्री था |  वजीर-ए-अशरफ – यह