Category: ENVIRONMENT & ECOLOGY

पारिस्थितिकी एवं पारिस्थितिकी तंत्र

पारिस्थितिकी (Ecology) यह विज्ञान की वह शाखा है, जिसके अंतर्गत समस्त जीवों (जैविक घटकों) तथा भौतिक पर्यावरण (अजैविक घटकों) के मध्य अंतर्संबंधो का अध्ययन किया जाता है| “Oecology” शब्द का सर्वप्रथम प्रयोग 1869 में ” अर्नेस्ट हैकल “ ने किया , जो ग्रीक भाषा के दो शब्दों okios (रहने का स्थान) तथा logos (अध्ययन) से बना

जैवमंडल (Bio-Sphere)

पृथ्वी में उपस्थित जैविक तथा अजैविक घटकों से मिलकर जैव-मंडल (Bio-Sphere) का निर्माण होता है , अर्थात् वह क्षेत्र जहाँ जलमंडल (Hydrosphere), वायुमंडल (Atmosphere) व स्थलमंडल (Lithosphere) मिलकर जैव-मंडल का निर्माण करते है | यह पृथ्वी का वह क्षेत्र है जहाँ जीवन पाया जाता है| सभी जीवधारियों के लिए आवश्यक पोषक   तत्व जल , वायु  व मृदा से ही निर्मित

मानव पर्यावरण सम्बन्ध (Human Environment Relations)

प्रारंभ में आदिमानव की भौतिक पर्यावरण की कर्यमकता दो प्रकार की होती थी | ग्राही दाता मानव तथा पर्यावरण के मध्य बदलते संबंधो को प्रागैतिहासिक काल से वर्तमान काल तक 4 चरणों  विभाजित किया जा सकता है| आदिमानव द्वारा आखेट करना एवं भोजन संग्रहण करना आदिमानव द्वारा कृषि कार्य आदिमानव द्वारा पशुपालन करना विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी  विकास

पर्यावरण के प्रमुख कारक (Major environmental factors)

पर्यावरण का स्थानिक तथा समय मापक्रम (Spatial and time scale of the environment) सामान्यत: सभी जीव पर्यावरण के साथ स्थानिक तथा समय मापक्रम के अनुसार पारस्परिक क्रिया करते है| जैसे – एक जीवाणु , एक घन सेंटीमीटर से भी कम भाग में वायु तथा जल के साथ पारस्परिक क्रिया करता है जबकि वृक्ष एक बड़े स्थानिक

पर्यावरण (Enviourment)

पर्यावरण संरक्षण अधिनियम – 1986 के अनुसार किसी जीव के चरों तरफ घिरे जैविक व अजैविक (भौतिक) संघटकों से मिलकर पर्यावरण का निर्माण होता है | पर्यावरण (Enviourment) शब्द फ्रेंच (French) भाषा से लिया गया है, जिसका अर्थ होता है – घिरा हुआ या घेरना | पर्यावरण एक जैविक व अजैविक घटकों को सम्मिलित किया गया है