Author: Manish

भारत का नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG)

भारतीय संविधान के अनु०- 148 के अंतर्गत नियंत्रक व महालेखा परीक्षक (Comptroller & Auditor General of India) की व्यवस्था की गयी है , जो अपने कार्यों के लिए संसद के प्रति उत्तरदायी होता है | नियंत्रक व महालेखा परीक्षक , केंद्र व राज्य दोनों स्तर पर लोक वित्त का संरक्षक होने के साथ-साथ देश की वित्तीय व्यवस्था का

राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग

भारतीय संविधान के अनु० – 338 A के अंतर्गत एक संवैधानिक राष्ट्रीय जाति अनुसूचित जनजाति आयोग का गठन किया गया है | इसके अतिरिक्त अन्य राष्ट्रीय आयोग जैसे – राष्ट्रीय महिला आयोग (1992) , राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (1993) , राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग (2007) आदि संवैधानिक आयोग ना होकर सांविधिक / वैधानिक (Statuory) आयोग है जिनकी स्थापना

राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग

भारतीय संविधान के अनु० – 338 के अंतर्गत एक संवैधानिक राष्ट्रीय जाति अनुसूचित आयोग का गठन किया गया है | इसके अतिरिक्त अन्य राष्ट्रीय आयोग जैसे – राष्ट्रीय महिला आयोग (1992) , राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (1993) , राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग (2007) आदि संवैधानिक आयोग ना होकर सांविधिक / वैधानिक (Statuory) आयोग है जिनकी स्थापना संसद के

वित्त आयोग (Finance Commission)

वित्त आयोग का गठन संविधान के अनु० – 280 के अंतर्गत किया गया है , यह एक अर्द्ध – न्यायिक निकाय है जिसका गठन प्रत्येक 5 वर्ष के अंतराल में या आवश्यकतानुसार उनसे पूर्व भी किया जा सकता है | संरचना  वित्त आयोग के अध्यक्ष व सदस्यों की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा की जाती है , जिसमें

राज्य लोक सेवा आयोग – (State PSC)

राज्य लोक सेवा आयोग एक स्वतंत्र व संवैधानिक निकाय (Constitutional Body) है | इसका उल्लेख संविधान के भाग – 14 में अनु० – 315 से 323 के मध्य  इसकी स्वतंत्रता, कार्य, व शक्तियों आदि का वर्णन  किया गया है | संरचना  राज्य लोक सेवा आयोग (State PSC) के अध्यक्ष व सदस्यों की नियुक्ति राज्यपाल  का निर्धारण राष्ट्रपति

संघ लोक सेवा आयोग (UPSC)

संघ लोक सेवा आयोग एक स्वतंत्र व संवैधानिक निकाय (Constitutional Body) है | इसका उल्लेख संविधान के भाग – 14 में अनु० – 315 से 323 के मध्य  इसकी स्वतंत्रता, कार्य, व शक्तियों आदि का वर्णन  किया गया है | संरचना  संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) के अध्यक्ष व सदस्यों की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा की जाती है

निर्वाचन आयोग (Election Commission)

निर्वाचन आयोग (Election Commission) एक स्वतंत्र अखिल भारतीय संस्था व संवैधानिक  निकाय (Constitutional Body) है | जिसका  उद्देश्य देश में स्वतंत्र व निष्पक्ष चुनाव कराना है  , संविधान के अनु० – 324 के अंतर्गत संसद , राज्य विधानमंडल , राष्ट्रपति व उपराष्ट्रपति के चुनाव निर्वाचन आयोग के कार्यक्षेत्र के अंतर्गत आते है जबकि पंचायतों व नगरपालिकाओं के चुनावों के

नगरीय शासन के प्रकार

भारत में निम्न आठ प्रकार के स्थानीय निकाय नगर क्षेत्रों के प्रकाशन के लिए सृजित किये गए है – नगरपालिका नगर निगम अधिसूचित क्षेत्र समिति नगरीय क्षेत्र समिति छावनी बोर्ड नगरीय क्षेत्र बंदरगाह (न्यास पत्तन)  विशेष उद्देश्य हेतु अभिकरण नगर निगम – नगर निगम का निर्माण बड़े शहरों जैसे –   दिल्ली , बॉम्बे , कोलकाता ,

नगरपालिका (Municipality)

भारत में नगरीय शासन प्रणाली को 74 वें संविधान संशोधन अधिनियम द्वारा अपनाया गया  | संघ स्तर पर नगरीय शासन प्रणाली का विषय निम्न 3 मंत्रालयों से संबंधित है – नगर विकास मंत्रालय (Ministry of urban development) रक्षा मंत्रालय (Ministry of Defence) गृह मंत्रालय (Home Ministry) नगर निगमों  का संवैधानीकरण  राजीव गाँधी सरकार – नगर

पंचायती राज – (73 वें संविधान संसोधन अधिनियम 1992)

पंचायती चुनावों का संवैधानीकरण  राजीव गाँधी सरकार – पंचायतों को संवैधानिक मान्यता दिलाने हेतु वर्ष 1989 में सरकार द्वारा विधेयक संसद में पेश किया गया जो लोकसभा में तो पारित हो गया किंतु राज्यसभा में पारित नहीं हो सका , क्योकिं  इसमें केंद्र   को मजबूत बनाने प्रावधान था | V.P सिंह सरकार – वर्ष 1990 में