Author: StudyIdol

प्राचीन बिहार में सामाजिक एवं धार्मिक सुधार आंदोलन

ऋग्वैदिक काल (1500-1000 ई.पू.) के अंतिम चरण में सामाजिक जीवन में कई प्रकार की कुरीतियों आने लगीं। ऋगवेद के दसवें मंडल के पुरुष सूक्त में पहली बार वर्ण-व्यवस्था का उल्लेख हुआ है, जो उत्तर-वैदिक काल का अंत होते-होते अपने जटिल स्वरूप में आ गयी। छठी सदी तक छुआछूत जैसे कुरीतियाँ कठोर रूप ग्रहण कर चुकी

महात्मा गांधी शांति पुरस्कार विजेता (Mahatma Gandhi Peace Prize Winner) 2015-18

केंद्र सरकार ने 16 जनवरी, 2019 को पिछले चार वर्षों के लिए गांधी शांति पुरस्कार की घोषणा की है। 2015 से 2018 तक केंद्र सरकार के शांति पुरस्कार विजेताओं के नामों की घोषणा की गई थी। 2014 में भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) को सम्मानित किया गया था यह पुरस्कार सालाना दिया जाता है, हालांकि

बिहार का प्राक्-ऐतिहासिक और ऐतिहासिक काल

बिहार में मानव सभ्यता के इतिहास को मुख्यत: दो भागों में विभाजित किया जा सकता है  प्राक्-ऐतिहासिक काल  ऐतिहासिक काल प्राक्-ऐतिहासिक काल प्राक्-ऐतिहासिक काल से सम्बंधित आदि मानव के निवास के साक्ष्य बिहार के कुछ स्थानों से लगभग 1 लाख वर्ष पूर्व के मिले हैं। ये साक्ष्य पुरापाषाण युग के हैं। जो नालंदा और मुंगेर

बिहार इतिहास के स्रोत (Sources of Bihar history)

बिहार का इतिहास अत्यंत ही समृद्ध एवं वैभवशाली रहा है। संस्कृतियों और धर्मों के अद्भुत समन्वय ने इस भूमि को विश्व के इतिहास में सर्वाधिक महत्त्वपूर्ण स्थान दिया है। बिहार के इतिहास के अध्ययन से संबंधित अनेक प्रकार के स्रोत उपलब्ध हैं। जिनमें  पुरातात्त्विक एवं साहित्यिक, दोनों प्रकार के स्रोत उपलब्ध हैं। बिहार इतिहास के पुरातात्विक

कुली बेगार आन्दोलन (Kuli Begar Movement)

इस प्रथा में व्यक्ति को बिना पारिश्रमिक दिए कुली का काम करना पड़ता था  इसी कारण इसे  कुली बेगार (Kuli Begar) कहा जाता था | विभिन्न ग्रामों के ग्राम प्रधानो (पधानों) का यह दायित्व था, कि वह एक निश्चित अवधि के लिये, निश्चित संख्या में  शासक वर्ग (अंग्रेज़ो) को कुली उपलब्ध कराएगा। इस कार्य के

नागालैंड में Armed Forces Special Powers Acts (AFSPA) का विस्तार

हाल ही में, विवादास्पद अफस्‍पा (Armed Forces Special Powers Acts (AFSPA)) के अंतर्गत पूरे नागालैंड राज्य को जून के अंत तक अगले 6 महीनों के लिए अशांत क्षेत्र घोषित किया गया है। AFSPA, सुरक्षा बलों को किसी भी स्‍थान पर कार्यवाही करने और बिना किसी पूर्व सूचना के किसी को भी गिरफ्तार करने का अधिकार प्रदान करता

फिरोजशाह तुगलक – Firoz Shah Tughlaq (1351 -1388ई.)

मूल नाम – कमालुद्दीन फिरोज उपाधि/पदवी – सैयद उस सलातीन खलीफा का नाइब ( स्वयं द्वारा) जन्म – 1309ई.मे (हिंदू माता के गर्भ से ) फिरोजशाह तुगलक की माता- अबोहर के भट्टी राजपूत रणमल की पुत्री थी फिरोज तुगलक का राज्याभिषेक दो बार हुआ प्रथम राज्याभिषेक – 22 मार्च 1351 को थट्टा सिंध में दूसरा

स्टैच्यू ऑफ यूनिटी (statue of unity) — Qus.

स्टैच्यू ऑफ यूनिटी किस महापुरुष की प्रतिमा है? — 🅰️सरदार वल्लभ भाई पटेल स्टैच्यू ऑफ यूनिटी की नींव कब रखी गई थी? — 🅰️वर्ष 2013 (नरेंद्र मोदी जी) स्टैच्यू ऑफ यूनिटी की स्थापना कहां की गई — 🅰️गुजरात के नर्मदा जिले में स्टैच्यू ऑफ यूनिटी किस नदी किनारे स्थित है? — 🅰️नर्मदा स्टैच्यू ऑफ यूनिटी की ऊंचाई कितनी है? — 🅰️182 मीटर (597 फीट)

भारत का संवैधानिक इतिहास (Constitutional History of India)

  • कलकत्ता में सर्वोच्च न्यायलय की स्थापना रेग्युलेटिंग एक्ट 1773 के अंतर्गत की गई ! • कलकत्ता सर्वोच्च न्यायलय के प्रथम मुख्य न्यायाधीश सर एलिजा इम्पे थे ! • भारत में कंपनी के अधिकृत प्रदेशों को पहली बार ब्रिटिश अधिकृत प्रदेशों का नाम 1784 के पिट्स इंडिया एक्ट के अंतर्गत दिया गया ! •

इतिहास एवं संस्कृति के महत्वपूर्ण प्रश्न (Important questions of history and culture)

 मिनाण्डर ने बौद्ध धर्म की दीक्षा किससे ली थी – नागसेन (नागार्जुन) अजंता की गुफाएँ बौद्ध धर्म की किस शाखा से संबंधितहै – महायान शाखा से नोबेल पुरस्कार विजेता रविन्द्रनाथ टैगोर ने 30 मई, 1919 को अपनी ‘सर’ की पदवी ब्रिटिश सरकार को किस घटना के विरोध में लौटाई थी – जलियाँवाला बाग में नरसंहार