बिहार में वन (Forest in Bihar)

बिहार राज्य का अधिकांश क्षेत्रफल मैदानी है। अत्यधिक जनसंख्या घनत्व और कृषि भूमि पर दबाव के कारण प्राकृतिक वनस्पति, पर्यावरण के अनुकूल नहीं है। बिहार में अधिकांश वर्षा  मानसूनी जलवायु के कारण होती है, अतः यहाँ वनस्पति के निर्धारण में वर्षा की मात्रा एक प्रमुख कारक है। बिहार के कुल क्षेत्रफल 94,163 वर्ग किलोमीटर में

बिहार में वन संपदा (Forest estate in Bihar)

वह उत्पाद जो हमें वनों से प्राप्त होते है वन संपदा कहलाते हैं। बिहार में वनों से प्राप्त होने प्रमुख/मुख्य एवं गौण उत्पाद निम्न हैं, जिनके एकत्रीकरण एवं विपणन का कार्य बिहार राज्य वन विकास निगम द्वारा किया जाता है। मुख्य उत्पाद  वनों से प्राप्त होने वाले मुख्य उत्पाद में केवल लकड़ियों को सम्मिलित किया

बिहार की जलवायु (Bihar’s climate)

बिहार का संपूर्ण भाग उपोष्ण कटिबंध क्षेत्र में स्थित राज्य है, जो एक मानसूनी जलवायु का प्रदेश है। बिहार की जलवायु आर्द्र उपोष्ण जलवायु (Humid Subtropical climate ) है। किसी स्थान की जलवायु पर सर्वाधिक प्रभाव (Latitude) का पड़ता है, इसके अतिरिक्त अन्य कारकों में ऊँचाई, समुद्र से दूरी, वायु की दिशा, वन, समुद्री जलधारा,

‘बाल विवाह -2019 फैक्टशीट’ रिपोर्ट यूनिसेफ द्वारा जारी

संयुक्त राष्ट्र बाल निधि (United Nations Children’s Fund – UNICEF) द्वारा जारी रिपोर्ट, “Child Mariages – 2019 Factsheet “ में कहा गया है कि, भारत में अभी भी कुछ क्षेत्रों में जैसे – बिहार, बंगाल और राजस्थान में बाल विवाह जैसी कुप्रथा व्याप्त है। यूनिसेफ की रिपोर्ट भारत के संदर्भ में यूनिसेफ (UNICEF) की रिपोर्ट के अनुसार

आयुष मंत्रालय द्वारा नए ई-औषधि पोर्टल की शुरूआत

आयुष मंत्रालय द्वारा श्री पद येसो नाइक (स्वतंत्र प्रभार राज्यमंत्री) की अध्यक्षता में 13 फरवरी 2019 को नई दिल्ली में आयुर्वेद, सिद्ध, यूनानी और होम्योपैथी औषधियों की ऑनलाइन बिक्री के लिए ई-औषधि पोर्टल की शुरूआत की गयी। ई-औषधि पोर्टल का उद्देश्य: इस पोर्टल का मुख्य उद्देश्य पारदर्शिता में वृद्धि, सूचना प्रबंधन सुविधा तथा आंकड़ों के

मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सीसी को अफ्रीकी संघ का अध्यक्ष नियुक्त किया गया

इथियोपिया (Ethiopia) में आयोजित अफ्रीकी संघ  (African Union) के शिखर सम्मेलन में मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सीसी को इस संघ का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। इससे पूर्व अफ्रीकी संघ (African Union) के अध्यक्ष रवांडा (Rwanda) के राष्ट्रपति पॉल कागामे थे। अफ्रीकी संघ (African Union) की  स्थापना वर्ष 2002 में की गयी थी, वर्ष

ग्लोबल वार्मिंग से समुद्र के रंग में परिवर्तन – MIT & WEF रिपोर्ट

अमेरिका की Massachusetts Institute of Technology (MIT)  द्वारा किए गए अध्ययन तथा World Economic Forum (WEF) द्वारा प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार ग्लोबल वार्मिंग (Global warming,) के कारण विश्व में समुद्र के पानी के रंग में परिवर्तन हो रहा है। इस रिपोर्ट के अनुसार, ग्लोबल वार्मिंग के कारण 21वीं सदी के अंत तक दुनिया के 50% से

अफ्रीका का विभाजन (Division of Africa)

भूमध्यसागर के दक्षिण में स्थित अफ्रीकी महादेश को अंध महादेश (Dark Continent) के नाम से भी जाना जाता था। इसके निवासी काले रंग वाले रूसी (नीग्रो) लोग थे और यह अफ्रीकी महादेश जंगलों एवं पहाड़ों से घिरा हुआ था। यूरोपीय नाविक इसके पश्चिम किनारे से होते हुए सुदूर दक्षिण तक जाते, किन्तु तटवर्ती क्षेत्रों को

साम्राज्यवाद और उपनिवेशवाद की अवधारणा (Imperialism and colonialism)

साम्राज्यवाद (Imperialism) साम्राज्यवाद वह दृष्टिकोण है जिसके अनुसार कोई महत्त्वाकांक्षी राष्ट्र अपनी शक्ति एवं गौरव को बढ़ाने के लिए अन्य देशों के प्राकृतिक और मानवीय संसाधनों पर अपना नियंत्रण स्थापित कर लेता है। यह हस्तक्षेप राजनीतिक, आर्थिक, सांस्कृतिक या किसी भी अन्य प्रकार का हो सकता है। इसका सबसे प्रत्यक्ष रूप किसी क्षेत्र को अपने

प्रथम विश्व युद्ध (1914-1919 CE)

जर्मन चांसलर बिस्मार्क ने 1870-1871 में फ्रांस को पराजित एवं अपमानित कर जर्मनी का एकीकरण किया। इसके साथ ही यूरोप में गुप्त संधियों का दौर शुरु हुआ और जिसका परिणाम स्वरुप 1914 में विश्वयुद्ध हुआ। प्रथम विश्वयुद्ध के कारण: आयुद्धों की होड़ विकृत राष्ट्रवाद आतंकवादियों ने आस्ट्रिया के राजकुमार फ्रांज फर्डिनेप्ड की हत्या कर दी
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