आम बजट 2018-19 सारांश (भाग -1)

 

भारत के संविधान में ‘Budget’ शब्द का जिक्र नहीं है जिसे बोलचाल की भाषा में आम बजट कहा जाता है उसे संविधान के अनुच्छेद – 112 में ‘एनुअल फाइनेंशियल स्टेटमेंट’ (Annual Finincial Settelment )कहा गया है।

भारत में सबसे पहले ब्रिटिश शासनकाल में 1860 में आम बजट प्रस्तुत किया गया था। बजट बनाने और पेश करने का श्रेय  जेम्स विल्सन को जाता है जिन्होंने 18 फरवरी 1860 को वाइसराय की परिषद में पहली बार बजट पेश किया था। भारत के आजाद होने के ठीक पहले का बजट उस समय की अंतरिम सरकार के वित्तमंत्री रहे लियाकत अली खां ने पेश किया था। यह बजट 9 अक्‍टूबर, 1946 से लेकर 14 अगस्त 1947 तक की अवधि के लिए था। इसके बाद आजाद भारत का पहला बजट तत्कालीन वित्तमंत्री आर के षणमुखम चेट्टी ने 26 नवंबर, 1947 में पेश किया था। पूर्व वित्त मंत्री मोरारजी देसाई ने अभी तक सबसे ज्यादा 10 बार बजट प्रस्तुत किया है।

चर्चा 

केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली द्वारा संसद में बजट 2018-19 पेश करते हुए कहा गया कि सरकार विनिर्माण सेवाओं और निर्यातों के क्षेत्र में 8 प्रतिशत से अधिक की आर्थिक विकास दर प्राप्‍त करने के प्रति वचनबद्ध है। वर्ष 2017-18 की दूसरी तिमाही में सकल घरेलू उत्‍पाद की 6.3 प्रतिशत की वृद्धि दर ने अर्थव्‍यवस्‍था में महत्त्वपूर्ण बदलाव आने के संकेत दिये थे। वित्‍त वर्ष की दूसरी छमाही में सकल घरेलू उत्‍पाद में 7.2 प्रतिशत से 7.5 प्रतिशत की दर से वृद्धि होने की आशा है।

 

कृषि और ग्रामीण अर्थव्‍यवस्‍था से संबंधित घोषणाएं 

  • 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने का लक्ष्य।
  • कम लागत में अधिक फसल उगाने पर ज़ोर, किसानों को उनकी उपज का अधिक दाम दिलाने पर फोकस।
  • उपज पर लागत से डेढ़ गुना अधिक दाम मिले, इस पर फोकस।
  • 2000 करोड़ रुपये की लागत से कृषि बाज़ार।
  • कृषि प्रोसेसिंग सेक्टर के लिए 1400 करोड़ रुपये।
  • 500 करोड़ रुपये की लागत से ऑपरेशन ग्रीन।
  • 42 मेगा फूड पार्क बनाए जाने का ऐलान।
  • लघु और सीमांत किसानों के लिए ग्रामीण कृषि बाजारों का विकास किया जाएगा।
  • गांवों में 22 हज़ार हाटों को कृषि बाजार में तब्दील किया जाएगा।
  • देश में कृषि उत्पादन रेकॉर्ड स्तर पर है. साल 2022 तक किसानों की आय को दोगुना करेंगे।
  • खरीफ़ की फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य को 5 गुना किया गया है।
  • मछुआरों और पशुपालकों को भी किसानों की तरह क्रेडिट कार्ड दिए जाएंगे।
  • कृषि बाजार के विकास के लिए 2,000 करोड़ रुपये दिए जाएंगे।
  • ऑर्गनिक खेती को और बढ़ावा दिया जायेगा. महिला समूहों को जैविक खेती करने के लिए प्रोत्साहित किया जायेगा।
  • मछली पालन और पशुपालन व्यवसाय में 10000 करोड़ रुपये देकर ग्रामीण क्षेत्रो में जनता की आय बढ़ाने की कोशिश की जाएगी।
  • सौभाग्य योजना के तहत चार करोड़ गरीब घरों को मुफ़्त बिजली दी जाएगी।
  • साल 2022 तक हर गरीब के पास उसका अपना घर होगा।
  • गांवों में इंफ़्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए 34 लाख करोड़ रुपये दिए जाएंगे।
  • उज्ज्वला योजना के तहत अब आठ करोड़ गरीब महिलाओं को मुफ़्त गैस कनेक्शन दिया जाएगा।
  • कृषि उत्पादों के निर्यात को 100 अरब डॉलर के स्तर तक पहुंचाने का लक्ष्य।
  • नेशनल हेल्थ प्रोटेक्शन स्कीम के तहत 10 करोड़ गरीब परिवारों को पांच लाख रुपये तक का हेल्थ बीमा।
Read More :   भारत का सबसे तेज चलने वाला सुपर कंप्यूटर ‘प्रत्यूष’ लॉन्च

Source : The Hindu & PIB

Page –     1    2    3    4

Add a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Don`t copy text!