उत्तराखण्ड राजकीय पर्यवेक्षक परीक्षा पेपर 2017

उत्तराखण्ड समूह ‘ग’ (Group C) के द्वारा 12 नवंबर 2017 को आयोजित राजकीय पर्यवेक्षक Post code 66 की उत्तराखंड प्राविधिक शिक्षा परिषद (UBTER) द्वारा आयोजित भर्ती परीक्षा का पूर्ण प्रश्नपत्र यहाँ उपलब्ध है।

पद :- राजकीय पर्यवेक्षक
परीक्षा आयोजक :- उत्तराखंड प्राविधिक शिक्षा परिषद (UBTER)
पद कोड :- 66
परीक्षा दिनांक :- 12 नवम्बर 2017
कुल प्रश्न :- 100

 

51. JNNURM का अर्थ है

जवाहर लाल नेहरू राष्ट्रीय शहरी नवीकरण योजना (JNNURM) भारत सरकार के शहरी विकास मंत्रालय द्वारा वर्ष २००५ में शुरू की गयी एक एक योजना थी जिसका उद्देश्य भारत के कुछ चुने हुए शहरों में विकास को गति प्रदान करना था। इसका शुभारम्भ तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने ३ दिसंबर २००५ को किया था और इसका नाम भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के नाम पर रखा गया था। प्रारम्भ में सात वर्षों (२०१२ तक) के लिए शुरू की गयी इस योजना के तहत भारतीय शहरों में अवस्थापनात्मक सुविधाओं और नगरीय सुविधाओं के विकास हेतु चरणबद्ध तरीके से योजना के लक्ष्यों को लागू करने का प्रस्ताव था और बाद में इसे दो वर्षों के लिए बढ़ा कर मार्च २०१४ तक जारी रखा गया।

52. राष्ट्रीय आय का आगणन कौन तैयार करता है ?

53. कैपिटल मार्केट का अर्थ है

54. विश्व में प्रथम महिला प्रधानमंत्री ____ की थी।

श्रीमती भंडारनायके दुनिया की सबसे पहली महिला प्रधानमंत्री थी

55. राजस्थान में कौन सा वार्षिक मेला ऊँटों के व्यापार के लिए प्रसिद्ध है

56. ‘AGMARK’ क्या है

57. श्री सिद्धपीठ मन्दिर, “सिद्धबली मन्दिर” नाम से ____ में स्थित है

58. कटारमल सूर्य मंदिर कहाँ स्थित है

59. टर्म ”डायमण्ड” खेल ______ से सम्बन्धित है

60. ‘रग्बी फुटबाल’ में प्रत्येक साइड खिलाड़ियों की संख्या ____ होती हैं

61. ______, एक केन्द्रीय सरकार कर नहीं है।

62. गलत युग्म का चयन कीजिए : –

धौली गंगा तथा अलकनंदा नदियों के संगम पर विष्णुप्रयाग स्थित है

63. हरबर्ट स्पेन्सर ने समाज का वर्गीकरण ______ वर्गों में किया है।

64. पुस्तक ‘दास कैपिटल’ _____ द्वारा लिखा गया है

65. FIFA 2018 किस देश में सम्पन्न होगा

निर्देश (प्रश्न संख्या 26 से 34) : निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए एवं नीचे दिये गये प्रश्नों के सही उत्तर चुनिए। कोई सौ वर्ष पुरानी बात है। दक्षिण भारत में तमिलनाडु के तिरुवेण्णेनल्लूर नामक गाँव में एक धनी किसान शडैयप्पर रहते थे। एक दिन जब शडैयप्पर अपने घर से बाहर निकल रहे थे तो उन्होंने द्वार पर एक दीन-हीन बालक को खडे पाया। शडैयप्पर स्वभाव से दयालु और दानी प्रवृत्ति के थे। उनसे उस असहाय, निराश्रित बालक को छोड़ते न बना और वे उसका हाथ पकड़कर उसे भीतर ले गए। शडैयप्पर को क्या मालूम था कि जिस बालक को वे आश्रय देने जा रहे हैं, वह एक दिन कंबन के नाम से तमिल के साहित्याकाश में सूर्य बनकर चमकेगा और आने वाले कवियों, विद्वानों और जनसाधारण सभी द्वारा कवि चक्रवर्ती के रूप में सराहा जाएगा। कंबन के जन्म और जीवन के बारे में कोई प्रामाणिक जानकारी नहीं मिलती है। लगता है कि अन्य प्राचीन कवियों की भाँति कंबन में भी आत्मगोपन की प्रवृत्ति थी जिसके कारण उनके बारे में निश्चित जानकारी का अभाव-सा है। किंतु उनके संबंध में किवदंतियों की तो भरमार है। लगता है जनसाधारण ने उनके प्रति सम्मान, प्रेम और लगाव दर्शाते हुए अपनी कल्पना के सहारे उनके बारे में अनेकानेक आख्यान रच डाले। ऐसा ही एक आख्यान है कि छोटी उम्र में बाजरे की खेती की रखवाली करने के कारण उनका नाम कंबन पड़ा ! तमिल भाषा में बाजरे के लिए ‘कंबु’ शब्द प्रचलित है। एक अन्य किवदंती के अनुसार कंबन काली माता के मंदिर में एक खंभे के पास मिले थे, जिसके कारण उनका नाम कंबन पड़ गया। एक अन्य मान्यता यह भी है कि उनका जन्म कांची नगरी में स्थित एकंब शिव की मूर्ति की उपासना करने वाले परिवार में हुआ था। इससे उनका नाम कंबन रखा गया। कंबन के जीवन-काल के विषय में भी अलग-अलग मत हैं। कुछ विद्वान उन्हें नौवीं सदी का कवि मानते हैं, तो कुछ बारहवीं सदी का। कुछ के मतानुसार वे तेरहवीं सदी के थे। किंतु विभिन्न किवदंतियों और मंतों के बावजूद विद्वान इस संबंध में एकमत हैं कि कंबन को बचपन से ही शडैयप्पर का आश्रय और संरक्षण मिला था। उनकी ही देखरेख में कबन का पालन-पोषण हुआ था। कंबन का विद्या-प्रेम देखकर उन्होंनें अपने पुत्रों के साथ ही उनकी शिक्षा की व्यवस्था की थी। कंबन की बुद्धि तो प्रखर थी ही, उनमें काव्यात्मक प्रतिभा भी थी। वे छोटी उम्र से ही कविता करने लगे थे। उनकी काव्य-प्रतिभा से प्रभावित होकर शडैयप्पर उन्हें अपने बराबर आसन देकर बिठाने लगे और उन्होंने अपने साथ चोलराज कुलोतुंगन द्वितीय के दरबार लगे। एक बार चोलराज उनकी कविता से इतने प्रभावित हुए कि उन्होंने उन्हें अपना दरबारी कवि बना लिया। ऐसा कहा जाता है कि इनकी काव्य-प्रतिभा से अभिभूत होकर ही चोलराज तथा इनके आश्रयदाता शडैयप्पर दोनों ने ही इनसे ‘वाल्मीकि-रामायण’ का तमिल भाषा में अनुवाद करने के लिए कहा। भारत में रामकथा की एक लंबी पुरंपरा है, जो आदिकवि वाल्मीकि की रामायण से आरंभ होकर अब तक चली आ रही है। ‘वाल्मीकि-रामायण’ संस्कृत साहित्य का प्रथम महाकाव्य है। रामकथा को आधार मानकर केवल संस्कृत में ही नहीं, बल्कि भारत की लगभग सभी भाषाओं में अनेकानेक रामायणों की रचना हुई है। विश्व प्रसिद्ध तुलसीकृत ‘रामचरितमानस’ के अतिरिक्त असमिया में ‘माधव-कदली रामायण’, बँगला में ‘कृमितवासीय रामायण’, उड़िया में ‘बलरामदास रामायण’, मराठी में ‘भावार्थ रामायण’ इसी परंपरा की कड़ियाँ हैं। तमिल प्रदेश में भी राम के अद्भुत कृत्यों से संबंधित कुछ कथाएँ प्राचीन काल से प्रचलित थीं। संगम साहित्य में भी कुछ कथाएँ मिलती हैं जिनकी कथावस्तु ‘वाल्मीकि-रामायण’ से प्रभावित हैं। किंतु तमिल साहित्य में रामकथा का कीर्तिमान स्थापित करने वाला ग्रंथ कंबन द्वारा रचित ‘कंबरामायण’ ही है। ‘कंबरामायण’ की रुचना के पीछे एक आख्यान और भी है। कहा जाता है कि चोलराज के एक अन्य दरबारी कवि ओत्तकूतर कंबन के समकालीन थे। वे अलंकार शास्त्र और छंद-विधान के प्रकांड पंड़ित थे। अपने ज्ञान के अहंकार में वे दूसरों के काव्य-दोषों की कटु आलोचना करते थे और अपने समक्ष अन्य कवियों को तुच्छ मानते थे। एक दिन चोलराज कुलोत्तुंगन ने ओत्तकूतर और कंबन दोनों से ही राम की पौराणिक कथा पर काव्य रचने के लिए कहा। ओत्तकूतर शब्दकोष लेकर तुरंत ही इस कार्य में बड़ी तत्परता से जुट गए। किंतु कंबन ने कोई शीघ्रता नहीं दिखाई, मानों इस संबंध में उन्हें कोई चिंता ही नहीं थी। कुछ दिन बाद चोलराज ने दोनों कवियों को बुलाकर उनके कार्य की प्रगति के बारे में जानना चाहा। कंबन ने उत्तर दिया कि वे छठे तक आ गए हैं और वानर सेना द्वारा सेतु-निर्माण के बारे में लिख रहें हैं। ओत्तकूतर जानते थे कि कंबन ने अभी प्रथम सर्ग भी लिखना शुरू नहीं किया है। राजा के सम्मुख कंबन की पोल खोलने के लिए ओत्तकूतर ने उनसे सेतु-निर्माण के बारे में लिखे गए किसी गीत को सुनाने के लिए कहा। कंबन ने सहज ही उस सर्ग का एक गीत सुनाना शुरु कर दिया। उस गीत में सागर में फेंके पत्थरों से उछलती बूंदों का उल्लेख था। 66. उपरोक्त गद्यांश का सार्थक शीर्षक चनिए

67. ‘शडैयप्पर’ किस गाँव में रहते थे :

68. चोलराज ने किसे अपना दरबारी कवि बनाया था

69. संस्कृत साहित्य का प्रथम महाकाव्य कौन सा है

70. तमिल साहित्य में रामकथा का कीर्तिमान स्थापित करने वाला कंबन द्वारा रचित ग्रन्थ कौन सा है

71. सेतु निर्माण के बारे में लिखे गये गीत में कंबन ने किसका उल्लेख किया है

72. निम्नलिखित वाक्य में संज्ञा और सर्वनाम शब्द चुनिए जिनके कारण उनका नाम कंबन पड़ गया।

73. चोलराज तथा शडैयप्पर ने कंबन को किस ग्रंथ का तमिल भाषा में अनुवाद करने को कहा

74. कंबन की काव्य प्रतिभा से प्रभावित होकर शडैयप्पर उन्हें किसके दरबार में ले जाने लगे

75. गुण सन्धि का/के उदाहरण हैं

76. व्यंजन संधि का उदाहरण नहीं है :

77. निम्न में शुद्ध शब्द नहीं है

78. निम्न में से ‘अमृत’ के पर्यायवाची शब्द नहीं है

79. ‘लौकिक’ का विलोम शब्द है

80. उपसर्ग, वे लघुत्तम शब्दांश है जो शब्द के _______ में लगकर नए शब्दों का निर्माण करते हैं

81. प्रथम भारतीय जिसने सात महत्वपूर्ण समुद्रों को तैर कर पार किया

बुला चौधरी एक लम्बी दूरी तय करने वाली तैराक हैं | वह विश्व की प्रथम ऐसी महिला हैं जिन्होंने पांचो महाद्वीप के सातों समुद्र तैर कर पार किए हैं और उन पर अपनी जीत हासिल की है । उन्हें ‘अर्जुन पुरस्कार’ से सम्मानित किया जा चुका है | उन्हें ‘जल परी’ की उपाधि दी जा चुकी है | 2003 में उन्हें ‘ध्यानचंद लाइफटाइम एचीवमेंट’ अवॉर्ड भी दिया गया है | उनका पूरा नाम बुला चौधरी चक्रवर्ती है |

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82. प्रथम ‘एशियन खेल’ _____ में हुआ था

एशियाई खेलों को एशियाड के नाम से भी जाना जाता है। यह प्रत्येक चार वर्ष बाद आयोजित होने वाली बहु-खेल प्रतियोगिता है जिसमें केवल एशिया के विभिन्न देशों के खिलाडी भाग लेते हैं। प्रथम एशियाई खेलों का आयोजन दिल्ली, भारत में किया गया था

83. मुल्क राज आनन्द पुस्तक ______ के लेखक हैं

84. विंटरलाइन कार्निवल _____ में मनाया जाता है

85. फ्रैंक स्मिथ ने _______ की खोज की थी।

86. निम्नलिखित में कौन उत्तराखण्ड से स्वतंत्रता सेनानी है/हैं

87. निम्नलिखित में से कौन सा एक सामाजीकरण का साधन नहीं है

88. ‘मनुष्य एक सामाजिक प्राणी है।’ किसने कहा है

89. सामाजिक परिवर्तन के चक्रीय सिद्धांत को किसने दिया है ?

विलफ्रेडो परेटो

90. गलत युग्म का चयन कीजिए :

91. सही युग्म का चयन कीजिए

92. ISO 9000 एक ______ है।

93. दिल्ली में कौन सी सड़क ‘फ्लीट स्ट्रीट आफ इण्डिया’ के नाम से जानी जाती है ?

94. लोक सभा में स्पीकर का वोट कहलाता है ?

95. असत्य युग्म का चयन कीजिए

96. रानी कर्णावती को _____ नाम से भी जाना जाता है

97. बद्रीदत्त पाण्डे का सम्बन्ध _____ से है

98. भारत में एक रुपया के नोट _________ द्वारा निर्गत किया गया था

99. सही युग्म का चयन कीजिए : –

100. भारत की प्रथम पंचवर्षीय योजना आधारित थी:

 

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