उत्तराखंड में स्थित राष्ट्रीय उद्यान और वन्य जीव विहार

jim corbett national park , nanda dvi, raja ji , gangotri

राष्ट्रीय उद्यान ( National Park )

S.No राष्ट्रीय उद्यान ( National Park ) स्थापना वर्ष क्षेत्रफल (square km)
विस्तार
1. कार्बट राष्ट्रीय उद्यान (Corbeet National Park) 1936 520.82 पौड़ी गढ़वाल-नैनीताल
2. नन्दादेवी राष्ट्रीय उद्यान ( Nanda devi National Park ) 1982 624.60 चमोली गढ़वाल
3. फूलों की घाटी 1982 87.50 चमोली गढ़वाल (विश्व विरासत)
4. राजाजी राष्ट्रीय उद्यान ( Rajaji National Park) 1983 820.42 हरिद्वार-देहरादून-पौड़ी
5. गंगोत्री राष्ट्रीय उद्यान ( Gangotri National Park) 1989 2390.02 उत्तरकाशी
6. गोविंद राष्ट्रीय उद्यान ( Govind National Park) 1990 427.08 उत्तरकाशी
योग 4915.44 ( sq km )

कार्बेट राष्ट्रीय उद्यान भारत का ही नहीं, बल्कि एशिया का प्रथम राष्ट्रीय उद्यान है, स्वतंत्रता के बाद इसका नाम रामगंगा नेशनल पार्क (Ramganga National Park) रखा गया, लेकिन वर्ष 1957 में महान प्रकृति प्रेमी जिम कार्बेट (Jim Corbett) की स्मृति में इसका नाम एक बार पुनः बदलकर कार्बेट राष्ट्रीय उद्यान कर दिया गया, इस पार्क में प्रवेश के लिए नैनीताल (Nainital) जनपद के ढीकाला (Dhikala) में प्रवेश द्वार बनाया गया है, जो कि नैनीताल जिला मुख्यालय से 144 किलोमीटर दूर है।

1 नवंबर (November) 1973 को इसे भारत का पहला बाघ संरक्षण पार्क घोषित (Declared India’s first Tiger Protected Park) किया गया। संरक्षित क्षेत्र की घोषणा के बाद पार्क में शेरों की संख्या में निरंतर वृद्धि हुई है, इस पार्क में लगभग 570 पक्षी प्रजातियां, 25 सरीसृप की प्रजातियां, व 75 स्तनधारी जीव पाए जाते हैं।

नन्दादेवी राष्ट्रीय उद्यान 5431 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है, इस उद्यान में हिमालयन भालू, स्नैलैपईस,  मस्त डियर, मोनाल, कस्तूरी मृग, भरल आदि पशु-पक्षियों का बाहुल्य हैं। पार्क का मुख्यालय जोशीमठ (Joshimath)में है।

Read More :   उत्तराखंड के राज्यपाल व उनका संक्षिप्त विवरण

फूलों की घाटी समुद्र तल से 3600 मीटर की ऊंचाई पर नर (Nar)और गंध मादन (Gandh Madan) पर्वतों के बीच स्थित है । यहां पुष्पावती नदी (Pshpawati River) बहती है, जो कि कामेत पर्वत (Kamet Mountain) से निकलती है। यहां का मुख्य आकर्षण हजारों किस्म की पुष्प और दुर्लभ जंतु है, इसका मुख्यालय जोशीमठ (Joshimath) है।

राजाजी राष्ट्रीय उद्यान में 23 प्रकार के स्तनधारी वन्य प्राणी एवं 313 प्रकार के पक्षी पाए जाते हैं। यहां विभिन्न प्रकार की वनस्पतियां में साल, खैर, शीशम, झिंगन, खरपट, बालकी, सैन, चीड़, सिरस, रोहणी  आदि प्रमुख है, इसका मुख्यालय देहरादून में है।

गंगोत्री राष्ट्रीय उद्यान में मुख्य वन्य-जीवों में हिम तेंदुआ, हिमालयन भालू, कस्तूरी मृग, भरल और प्रमुख पक्षियों में मोनाल है।

 

वन्य जीव विहार  ( Wild Life Sanctuaries )

S.No वन्य जीव विहार ( Wild Life Sanctuaries ) स्थापना वर्ष क्षेत्रफल (square km)
विस्तार
1. गोविन्द पशु विहार में   ( Govind Wild Life Sanctuaries) 1955 485.89 उत्तरकाशी
2. केदारनाथ वन्य जीव विहार   ( Kedarnath Wild Life Sanctuaries) 1972 975.20 चमोली
3. अस्कोट वन्य जीव विहार  ( Askot Wild Life Sanctuaries) 1986 599.93 पिथौरागढ़
4. सोना नदी वन्य जीव विहार  ( Sona Wild Life Sanctuaries) 1987 301.18 पौड़ी गढ़वाल
5.  बिनसर वन्य जीव विहार  ( Binsar Wild Life Sanctuaries) 1988 47.07 अल्मोड़ा
6. मसूरी वन्य जीव विहार  ( Mussoorie Wild Life Sanctuaries) 1993 10.82 देहरादून
 7. नंधौर वन्य जीव अभयारण्य  ( Nandhaur Wild Life Sanctuaries) 2012 269.95  नैनीताल – चम्पावत
योग 2690.04

संरक्षण आरक्षित क्षेत्र ( Conservation Reserve )

 S.No राष्ट्रीय उद्यान ( National Park ) स्थापना वर्ष क्षेत्रफल (square km) विस्तार
 1. आसन बैटलैण्ड संरक्षण आरक्षित क्षेत्र  2005  4.44  चकराता
 2. झिलमिल झील संरक्षण आरक्षित क्षेत्र  2005  37.83  हरिद्वार
 3. पवालगढ़ संरक्षित आरक्षित क्षेत्र  2012  रामनगर
Read More :   उत्तराखंड के विधायक व उनका विधानसभा क्षेत्र

Add a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *