केंद्र सरकार द्वारा 2017 में शुरू की गई योजना

राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (रफ्तार)

raftaar yojna

भारत सरकार ने मूल्य श्रृंखला, एवं कृषि उद्यमिता विकास पर ध्यान केन्द्रित करते हुए वर्तमान में  केन्द्र द्वारा चलाई जा रही राष्ट्रीय कृषि विकास योजना को रफ्तार के रूप में 2017-18, 2018-19 एवं 2019-20 की अवधि में चलाए जाने का निर्णय लिया है।

प्रमुख तथ्य-

  • इसके लिए 15.722 करोड़ का बजटीय प्रावधान आर्थिक मामलों की मन्त्रिमण्डलीय समिति ने लिया है.
  • इस योजना के अन्तर्गत राज्यों को निधियाँ 60ः40 के अनुपात में प्रदान की जाएगी
  • कुल आवंटित धनराशि में से 50 प्रतिशत धन अधोरचना एवं आस्तियों के सृजन पर, 30 प्रतिशत धन मूल्य-संवर्द्धन सम्बद्ध उत्पादन परियोजनाओं पर तथा 20 प्रतिशत धन अन्य परियोजनाओं पर खर्च किया जाएगात्र
  • योजना द्वारा कृषि एवं सम्बद्ध क्षेत्रों को अधिक आवंटन बढ़ाने में राज्यों को प्रोत्साहित किया जाएगात्र
  • यह योजना कृषि आधारभूत संरचना के निर्माण के माध्यम से किसानों के प्रयासों को मजबूती प्रदान करेगी, जिससे गुणवत्तापूर्ण आगतों की आपूर्ति, बाजार सुविधा आदि में सहायता मिलेगीत्र
  • योजना कृषि उद्यमिता को प्रोत्साहन और करोबारी माॅडलों का समर्थन करेगी, जिससे किसानों की आय को अधिकतम करने में मदद मिलेगी.

दीनदयाल स्पर्श योजना

deen dayal sparsh yojana
केन्द्रीय संचार मन्त्री मनोज सिन्हा ने नवम्बर, 2017 कह पिद्यार्थियों को डाक टिकटों के संग्रहण तक पहंुच बढ.ाने के लिए छात्रवृत्ति की एक विशेष योजना-दीनदयाल स्पर्श योजना की घोषणा की. दीनदयाल स्पर्श योजना के अन्तर्गत 6-10 कक्षा तक विद्यार्थियों को डाक टिकट संग्रहण को एक रूचि के रूप में विकसित करने के लिए 500 रूपये प्रतिमाह की दर से छात्रवृत्ति प्रदान किए जाने की घोषणा की, योजना के तहत् प्रत्येक डाक सर्किल में कक्षा 6, 7, 8, 9, 10 से छात्रों का चयन किया जाएगा.

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प्रमुख तथ्य-

  • इस योजना के तहत सभी डाक सर्किलों में आयेजित होने वाली एक प्रतियोगिता प्रक्रिया के आधार पर डाक टिकट संग्रह में रूचि रखने वाले छात्रों का चयन किया जाएगा.
  • योजना के आरम्भ में तकरीबन 920 छात्रवृत्तियां देने का प्रस्ताव है.
  • प्रत्येक डाक सर्किल द्वारा अधिकतम 40 छात्रों का चयन किया जाएगा.
  • इस योजना के तहत् छात्रवृत्ति पाने के लिए उक्त बच्चों को पंजीकृत स्कूल का छात्र होना चाहिए, साथ ही उक्त स्कूल को भी डाक टिकट संग्रह क्लब का सदस्य होना चाहिए.
  • यदि किसी स्कूल में डाक टिकट संग्रह नहीं है. तो वैसे छात्र जिनके पास डाक टिकट संग्रह के खाते मौजूद हैं, ऐसे छात्रों को भी इस योजना के तहत् योग्य समझा जाएगा.

‘भारतनेट’ योजना (चरण-2)

bharat net scheme

केन्द्र सरकार ने ग्रामीण एवं दूरदराज के क्षेत्रों में ब्राॅडबैंड सेवाएं मुहैया कराने के लिए ‘भारतनेट’ परियोजना आरम्भ की है. सरकार द्वारा आरम्भ की गई इस सेवा को अब किफायती शुल्क ढाँचे सहित लाॅन्च किया जा रहा है. सरकारी विज्ञप्ति के अनुसार 5 नवम्बर, 2017 तक 1,03,275 ग्राम पंचायतों में, आॅप्टिकल फाइबर केबल कनेक्टिविटी सुनिश्चित की गई. प्रखण्ड(ब्लाॅक) और ग्राम पंचायतों के बीच असमान बैंडविध के लिए वार्षिक शुल्क दरें 10 Mb तक के लिए रूपये 700 प्रति mbps और 1 gbps तक के लिए 200 प्रति mbps तय की गई है.

प्रमुख तथ्य-

  • केन्द्र सरकार द्वारा देश की सभी ग्राम पंचायतों में हाई-स्पीड ब्राॅडबैंड सेवा को मार्च 2019 तक उपलब्ध कराने के लिए 13 नवम्बर, 2017 को भारतनेट परियोजना का दूसरा और अंतिम चरण आरम्भ किया गया.
  • इस परियोजना पर लगभग 3 खरब 40 अरब खर्च होंगे.
  • इस परियोजना के तहत् 1.5 लाख पंचायतों को 10 लाख किलोमीटर लम्बी आॅप्टिकल फाइबर केबिल के जरिए जोड़ा जाएगा.
  • इस योजना का मुख्य लक्ष्य ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को ई-गर्वनेंस, ई-हेल्थ, ई-एजुकेशन, ई-बैंकिग और इंटरनेट की अन्य सुविधाओं समेत रोजगार सृजन को बढ़ावा देना है.
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सुरक्षित शहर – योजना

केन्द्र सरकार ने देश के आठ महानगरों में महिलाओं के लिए ‘सुरक्षित शहर’ योजना तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है.

प्रमुख तथ्य-

  • केन्द्रीय गृह सचिव राजीव गाबा की अध्यक्षता में 22 नवम्बर, 2017 को संचालन समिति की बैठक में महिलाओं की सुरक्षा के सम्बन्ध में पुलिस और नागरिक प्रशासन के उपयों की प्रगति और उनकी विस्तृत समीक्षा की गई.
  • बैठक में फैसला किया गया कि इन महानगरों की पुलिस और नगर निगम कार्य योजना तैयार करेंगे.
  • राज्य के मुख्य सचिव की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय समिति इस योजना को आगे भेजेगी.
  • यह, योजना दिल्ली, मुम्बई, कोलकाता, चेन्नई, अहमदाबाद, बंगलूरू, लखनऊ और हैदराबाद में लागू की जाएगी.
  • बैठक में महिलाओं की सुरक्षा के लिए सोशल मीडिया के इस्तेमाल पर भी जोर दिया गया.
  • इस योजना के तहत् महिलाओं की शिकायतों को सुनने के लिए मोबाइल परामर्श वैन, उपनगरीय रेलवे स्टेशन क्षेत्रों में प्रकाश की व्यवस्था, महाविद्यालय में शिकायत बाॅक्स, महिलाओं के लिए समर्पित हेल्पलाइन, पुलिस द्वारा आयोजित जागरूकता कार्यक्रम, महिलाओं हेतु आश्रय गृहों की स्थापना तथा गलियों में रोशनी के प्रावधान हैं.
  • इस योजना में एक मजबूत आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली और पुलिस द्वारा सत्यापित सार्वजनिक परिवहन को लाया जाएगा.

 

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