Daily Current Affairs – 2 Feb 2018

भारतीय नौसेना में स्कॉर्पिन श्रेणी की तीसरी पनडुब्बी ‘करंज’ शामिल

  • भारतीय नौसेना में स्कॉर्पिन श्रेणी (Scorpene Class) की स्वदेशी और अत्याधुनिक  पनडुब्बी (Submarine) ‘आईएनएस करंज’ (INS Karanj) को मुंबई में लॉन्च कर दिया गया। यह इस वर्ग की तीसरी पनडुब्बी है।
  • करंज पनडुब्बी का नाम 2003 में सेवानिवृत्त की गई कलवरी क्लास के नाम ‘आईएनएस करंज’ पर रखा गया है।

 प्रमुख बिंदु 

  • स्कॉर्पिन श्रेणी की तीसरी पनडुब्बी ‘आईएनएस करंज’ मेक इन इंडिया के तहत मझगाँव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड (MDL), मुंबई द्वारा निर्मित किया गया है।
  • करंज आधुनिक तकनीक से बनी ये पनडुब्बी कम आवाज से दुश्मन के जहाज को चकमा देने के साथ-साथ यह पनडुब्बी अपने लक्ष्य पर सटीक निशाना लगा सकती है।
  • ‘आईएनएस करंज’ 67.5 meter लंबी, 12.3 meter ऊँची और 1565 टन वज़नी करंज टॉरपीडो और एंटी शिप मिसाइल से हमला करने और रडार को चकमा देने में सक्षम है।
  • ‘आईएनएस करंज’ पनडुब्बी लंबे समय तक पानी में रहने में सक्षम है क्योंकि इसमें पानी में ऑक्सीजन खत्म होने की स्थिति में यह स्वयं ही  ऑक्सीजन बनाने की भी क्षमता है।

Source : The Hindu

source title : INS Karanj boosts Navy’s firepower
sourcelink:http://www.thehindu.com/news/national/ins-karanj-boosts-navys-firepower/article22613449.ece

भारत बना दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टील उत्पादक देश 

  • वर्ल्ड स्टील एसोसिएशन (World Steel Association) द्वारा जारी आँकड़ों के अनुसार, भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टील उत्पादक देश है। इस क्रम में चीन और जापान का क्रमशः प्रथम एवं दूसरा स्थान रहा।
  • World Steel Association की स्थापना 10 जुलाई, 1967 को इंटरनेशनल आयरन एंड स्टील इंस्टीट्यूट के रूप में की गई थी।
  • World Steel Association का  मुख्यालय बेल्जियम के ब्रुसेल्स में स्थित है।
  • इसका दूसरा मुख्यालय बीजिंग (चीन) में अवस्थित है।
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विश्व में भारत नारियल उत्पादन और उत्पादकता में भारत अग्रणी 

  • भारत विश्व में नारियल उत्पादन और उत्पादकता में अग्रणी देश है।
  • भारत की वार्षिक नारियल उत्पादन 20.82 लाख हेक्टर से 2395 करोड़ नारियल है और उत्पादकता 11505  नारियल प्रति हेक्टर है
  • भारत के सकल घरेलू उत्पाद (G.D.P) में नारियल का योगदान करीब 27900 करोड़ रुपए है।
  • भारत द्वारा वर्ष 2016-17 में हमारे देश से 2084 करोड़ रुपए मूल्य के नारियल उत्पादों का निर्यात किया गया है।
  • भारत में लगभग एक करोड़ से अधिक लोग अपनी जीविका चलाने के लिए नारियल की कृषि पर निर्भर करते हैं।
  •  नारियल के उत्पादों का निर्यात वर्ष 2011-14 में 3017.30 करोड़ रुपये से बढ़ाकर वर्ष 2014-17 में 4846.36 करोड़ रुपये हुआ जोकि 60.62% की वृद्धि है।
  • वर्ष 2016 की शुरुआत में ही भारत से मलेशिया, इंडोनेशिया और श्रीलंका को नारियल तेल का निर्यात करने लगा है इससे पूर्व के वर्षों में हम इसका आयात कर रहे थे।
  • वर्ष 2017 में भारत द्वारा पहली बार अमेरिका और यूरोप को नारियल के बुरादे (Desiccated Coconut) का निर्यात किया गया।

 

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