आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (Artifical Intelligence)

Artificial intelligence

कृत्रिम तरीक़े से विकसित की गई बौद्धिक क्षमता। कृत्रिम बुद्धिमत्ता का आरंभ 1950 के दशक में हुआ था। ये संगणक (Computer) और संगणक प्रोग्रामों (Computer program) को उन्हीं तर्कों के आधार पर चलाने का प्रयास होता है जिसके आधार पर मानव मस्तिष्क (Human brain) चलते हैं। कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence) का उद्देश्य होता है कि संगणक अपने-आप तय कर पाये उसकी अगली गतिविधि क्या होगी। इसके लिए संगणक को अलग-अलग परिस्थितियों के अनुसार अपनी प्रतिक्रिया चुनने के लिए प्रोग्राम किया जाता है। इसके पीछे यही प्रयास होता है कि संगणक मानव की सोचने की प्रक्रिया की नकल कर पाये। इसका एक उदाहरण है शतरंज खेलने वाले संगणक। ये संगणक प्रोग्राम मानव मस्तिष्क की लगभग हर चाल की काट और अपनी अगली चाल सोचने के लिए संगणक को प्रोग्राम किया हुआ है। ये इतना सफल रहा है कि May-1997 में आईबीएम (IBM) का संगणक डीप ब्लू (Deep blue) ने विश्व के सबसे नामी शतरंज खिलाड़ी गैरी कास्परोव (Garry Kasparov) को हरा चुका है।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (Artifical Intelligence) दो शब्दों से मिलकर बना होता है-

  • आर्टिफिशियल – जिसका अर्थ होता है ऐसी वस्तु जो प्राकृतिक नहीं हो अर्थात कि उसे मानव के द्वारा बनाया गया हो या  कृत्रिम हो।
  • इंटेलिजेंस – इस तात्पर्य है कि सोचने, समझने एवं सीखने की योग्यता है।

इस प्रकार हम कह सकते है कि एक इस तरह का सिस्टम विकसित करना जो कृत्रिम रूप से सोचने, समझने एवं सीखने की क्षमता रखता हो जैसे की मानव रखता हैं। मतलब की एक ऐसा सिस्टम जो व्यवहार प्रतिक्रिया देने में दक्ष हो और जो मानव से भी वेहतर हो। इस पर अध्यन चल रहा है। इसे लघु शब्दों में एआई भी कह सकते है हम कह सकते है कि फेसबुक में जो फ्रेन्ड सजेशन का जो ऑप्शन है वह ए.आई का एक हिस्सा है।

Read More :   विशाखा गाइडलाइन्स - महिलाओं की सुरक्षा के लिए (MeToo)

कई बार हम रोबोट को Artificial Intelligence कह देते है ऐसा नहीं है रोबोट एक ऐसा सिस्टम है जिसमें Artificial Intelligence को डाला गया है। हम इसे इस तरह भी परिभाषित कर सकते है की इस प्रकार का अध्यन जिसमें हम एक ऐसा सोफटवेयर विकसित करे जिससे एक कम्प्यूटर भी इंसान की तरह और उससे बेहतर प्रतिक्रिया दे सके। Artificial Intelligence में कई विषय आते है जिसमे दर्शन (Philosophy), समाजशास्त्र (Sociology ) और गणित (Mathematics) एवं भाषा (Languages) का ज्ञान होता हैं।

कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence) को चार भागों में विभाजित कर सकते हैं –

  • इंसान की तरह सोचना
  • इंसान की तरह व्यवहार करना
  • तर्क एवं विचारो युक्त मतलब संवदेनशील, बुद्धिमान, तथ्यों को समझना
  • तर्क एवं विचारों पर अपनी प्रतिक्रिया भी देना।

इस तरह हम कह सकते है कृत्रिम तरह से एक ऐसा सिस्टम विकसित करना जो इंसान की तरह कार्य कर सके, सोच सके एवं अपनी प्रतिक्रिया दे सके है।

जब भी मानव बुद्धिमत्ता की चर्चा होती है, तब अनेक बुद्धिमान लोगों का स्मरण होता है। हाल के वर्षों में मानवीय सोच समझ इतनी तेजी से विकसित होती जा रही है कि प्रकृति की रचना को हर क्षेत्र में कड़ी चुनौती दे रही है। विज्ञाण की प्रगति के साथ साथ हरेक चीज कृत्रिम बनती जा रही है। इस प्रगति में मानव ने बुद्धिमत्ता के क्षेत्र में भी अपने अनुभव और आकांक्षाओं से कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानि कृत्रिम बुद्धिमत्ता विकसित करने का प्रयास किया है। वैज्ञानिकों द्वारा ऐसे संगणक भी आविष्कृत कर लिए गए हैं जिनमें जटिल से जटिल कार्य को न्यूनतम समय में करने की क्षमता होती है। आधुनिक कंप्यूटरीकृत मशीनें किसी लिखे हुए पाठ को मानव की तरह से ही शब्दों की पहचान कर एवं पढ़ सकती है। ऑटो पायलट मोड पर वायुयान, मशीन द्वारा संचालित किये जाते हैं। कंप्यूटरों में ध्वनियां और आवाजों को पहचानने की क्षमता होती है। किन्तु कृत्रिम बुद्धिमत्ता एक रूप से सीमित भी है, क्योंकि इसका सामर्थ्य इसकी प्रोग्रामिंग पर निर्भर करता है। लेकिन मानवीय मस्तिष्क में ऐसी कोई सीमा निश्चित नहीं होती है।

Read More :   शत्रु सम्पत्ति अधिनियम (Enemy Property Act)

कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence) ने मानवीय कार्य को काफी सुविधाजनक बना दिया है। सौ मस्तिष्कों की क्षमता वाला कार्य, मात्र एक ही संगणक सुलभ कर सकता है। ये बात गणनाओं व तर्कों के संदर्भ में है। कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence) के प्रमुख एप्लीकेशन निम्न है : विशेषज्ञ प्रणाली (Expert System), गेम प्लेयिंग (Game Playing), स्पीच रिकग्निशन (Speech Recognition), प्राकृतिक भाषा (Natural language), कंप्यूटर विज़न (Computer vision), न्यूरल नेटवर्क (Neural Network), रोबोटिक्स (Robotics) , फाइनेंस (Finance), कंप्यूटर साइंस (Computer science) , मौसम का पूर्वानुमान (Weather forecast), उड्डयन (Aviation) आदि|

इसे तीन भागो में विभाजित किया गया है

  • कमजोर कृत्रिम बुद्धिमत्ता 
  • शक्तिशाली कृत्रिम बुद्धिमत्ता 
  • विलक्षणता

कृत्रिम बुद्धिमत्ता के फायदे और नुकसान ऐसा माना जा रहा है कि इससे कम कम हो जायेंगे और मानव के स्थान पर मशीनो को काम में लिया जायेगा जिसके कई नुकसान भी हो सकते है कि मशीन स्वयं ही निर्णय लेने लगेगी और उस पर नियंत्रण नहीं किया गया तो वह मानव सभ्यता के लिए हानिकारक हो सकता है|

Add a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Don`t copy text!